प्र1.
रेखाएँ l व m एक-दूसरे के समांतर रेखाएँ क्यों हैं? (कागज मोड़कर समांतर रेखाएँ बनाना, चित्र 5.24)
उत्तर
क्योंकि ये दोनों एक ही मोड़ t पर लम्ब हैं।
पहला मोड़: t ⟂ l, तथा t बिंदु A से होकर जाता है
दूसरा मोड़: m ⟂ t, तथा m भी A से होकर जाता है
t को l और m की तिर्यक रेखा मानिए
संगत कोण = 90° और 90° → समान
⟹ l ∥ m
दूसरा मोड़: m ⟂ t, तथा m भी A से होकर जाता है
t को l और m की तिर्यक रेखा मानिए
संगत कोण = 90° और 90° → समान
⟹ l ∥ m
ऐसा क्यों होता है: जो मोड़ किसी रेखा को ठीक उसी पर लिटा देता है वह उस रेखा पर लम्ब ही होगा। इसलिए हर मोड़ बिना मापे ही सच्चा समकोण बना देता है। जो दो रेखाएँ किसी उभयनिष्ठ तिर्यक रेखा से समान 90° बनाती हैं उनका झुकाव समान होता है, अतः वे समांतर हैं।
संकेत: यह पृष्ठ 118 की समकोणक वाली विधि का ही मोड़-रूप है। दोनों एक ही नियम पर टिके हैं: एक रेखा पर लम्ब दो रेखाएँ आपस में समांतर होती हैं।