गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कागज का एक वर्गाकार टुकड़ा लीजिए और इसे विभिन्न प्रकार से मोड़िए तथा इसे पुन: खोल लीजिए। अब मोड़ने से कागज पर बने मोड़ों पर मापक व पेंसिल का उपयोग करके रेखाएँ खींचिए। आपको कागज पर विभिन्न रेखाएँ दिखेंगी। रेखाओं के किसी भी युग्म को लीजिए और एक-दूसरे के साथ उनका संबंध देखिए। क्या वे परस्पर मिल रही हैं? क्या आपको लगता है कि जो रेखाएँ कागज के अंदर नहीं मिल रही हैं, यदि उन्हें कागज के बाहर तक बढ़ाया जाए तो वे मिलेंगी?
उत्तर

कुछ मोड़ों के युग्म कागज के भीतर ही एक-दूसरे को काटते हैं — वे रेखाएँ मिलती हैं। जो युग्म कागज के भीतर नहीं मिलते, उनके लिए दो अलग-अलग स्थितियाँ बनती हैं।

  • यदि दोनों मोड़ों का झुकाव भिन्न है तो एक ओर उनके बीच की दूरी लगातार घटती जाती है। उन्हें कागज के बाहर तक बढ़ाने पर वे अवश्य मिलेंगी
  • यदि दोनों मोड़ों के बीच की दूरी हर जगह बिलकुल समान रहती है (जैसे कागज को दो बार आधा-आधा मोड़ने से बने मोड़), तो वे कितना भी बढ़ाने पर कभी नहीं मिलेंगी। ऐसी रेखाएँ समांतर कहलाती हैं।
ऐसा क्यों होता है: एक तल की दो सरल रेखाएँ अधिक से अधिक एक ही बार कट सकती हैं। अतः या तो वे पहले ही कट चुकी हैं, या कागज के बाहर कहीं कटेंगी, या कभी नहीं कटेंगी। कभी न कटने की एक ही शर्त है — दोनों का झुकाव बिलकुल एक जैसा हो, तब उनके बीच की दूरी सदैव समान बनी रहती है।
स्वयं जाँचिए: एक मोड़ पर मापक रखिए और उसे बिना घुमाए दूसरे मोड़ की ओर खिसकाइए। यदि दोनों मोड़ों के बीच की दूरी पूरे मापक पर समान रहती है तो वे कभी नहीं मिलेंगी।
प्र2.
आइए, देखते हैं कि क्या होता है जब दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं? वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कितने कोण बना रही हैं?
उत्तर

चार कोण।

दो रेखाएँ 1 बिंदु पर कटती हैं
प्रत्येक रेखा 2 किरणों में बँट जाती है
2 किरणें + 2 किरणें = बिंदु से निकलती 4 किरणें
एक बिंदु पर 4 किरणें 4 कोण बनाती हैं
ऐसा क्यों होता है: प्रतिच्छेद बिंदु के चारों ओर एक चक्कर लगाइए। चारों किरणें एक-एक करके मिलती हैं और हर दो लगातार किरणों के बीच एक कोण बनता है। इसीलिए कोणों की संख्या 4 है और चारों का योग 360° होता है।

चित्र 5.2 में जहाँ रेखा l, रेखा m को प्रतिच्छेद करती है, इन चारों कोणों के नाम ∠a, ∠b, ∠c और ∠d हैं।

क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ