चित्र 5.12 के हर रेखाखंड का पग गिनिए और उसी पग को किसी दूसरे बिंदु से दोहराइए।
(a) क्या चुनौतीपूर्ण लगा? हाँ — कुछ रेखाएँ बहुत कठिन थीं।
(b) कौन-सी? रेखाखंड e, f, g और h। ये न किसी पंक्ति पर हैं, न किसी स्तंभ पर और न ही 45° के विकर्ण पर, इसलिए आँख से इनका अनुमान लगाना कठिन है। क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर और 45° वाले (a, b, c, d) आसान थे।
(c) आपने कैसे किया? दो भरोसेमंद तरीके:
- पग गिनिए। यदि रेखाखंड 3 बिंदु दाएँ और 1 बिंदु नीचे जाता है, तो किसी दूसरे बिंदु से 3 दाएँ और 1 नीचे जाकर दोनों बिंदुओं को मिला दीजिए।
- दूरी समान रखिए। दी गई रेखा से समान लम्बवत दूरी पर दो बिंदु अंकित कीजिए, एक-एक सिरे के पास, और उन्हें मिला दीजिए।
ऐसा क्यों होता है: "3 दाएँ, 1 नीचे" जैसी तिरछी दिशा की नकल करने के लिए पन्ने पर कोई सहारा नहीं होता, इसलिए अंदाज़ा गलत हो जाता है। बिंदु गिनने से दिशा दो पूर्ण संख्याओं में बदल जाती है, जिन्हें ठीक-ठीक दोहराना आसान है।
स्वयं जाँचिए: दोनों रेखाखंडों को काटती हुई कोई रेखा खींचिए। यदि आपका चित्र सही है तो दोनों प्रतिच्छेदों पर एक ही स्थिति के कोण समान होंगे।