गणित प्रकाश अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
U और T क्या हो सकते हैं? क्या T अंक 2 हो सकता है? क्या यह 3 हो सकता है?
उत्तर

पहेली है T + T + T = UT, अर्थात 3 × T एक 2-अंकीय संख्या हो जिसकी इकाई का अंक पुन: T ही हो।

T3 × Tइकाई का अंकक्या T के बराबर है?
266नहीं (और 6 दो अंकों की नहीं है)
399नहीं
4122नहीं
5155हाँ
6188नहीं
7211नहीं
8244नहीं
9277नहीं

अत: T = 5 तथा U = 1, अर्थात UT = 15।

5 + 5 + 5 = 15  

T = 2 संभव नहीं है (3 × 2 = 6 दो अंकों की संख्या ही नहीं है) तथा T = 3 भी संभव नहीं है (3 × 3 = 9, पुन: एक अंक और इकाई का अंक 9 है, 3 नहीं)।

ऐसा क्यों होता है: 3T के अंत में T आने का अर्थ है कि 3T – T = 2T के अंत में 0 आए, अर्थात 2T, 10 का गुणज हो। एक अंक वाले T के लिए इससे T = 0 या T = 5 ही बचता है, और T = 0 से 2-अंकीय योग नहीं मिलेगा।
प्र2.
यहाँ K2 का अर्थ है कि यह संख्या एक 2-अंकीय संख्या है जिसमें इकाई का अंक 2 है तथा दहाई का अंक K है। K2 को स्वयं से जोड़ने पर एक 3-अंकीय संख्या HMM प्राप्त होती है। अक्षर M को किस अंक के संगत होना चाहिए?
उत्तर

M = 4, तथा पूरा हल है K = 7, H = 1, अर्थात 72 + 72 = 144।

इकाई का स्तंभ: 2 + 2 = 4, अत: M = 4 और कोई हासिल नहीं।
दहाई के स्तंभ में भी M = 4 दिखना चाहिए —
K + K = 4 अथवा 14  →  2K = 14  →  K = 7  (2K = 4 से K = 2, परंतु तब 22 + 22 = 44 तीन अंकों की संख्या नहीं है)
सैकड़े के स्तंभ में 1 का हासिल → H = 1
अत: 72 + 72 = 144  ✓
ऐसा क्यों होता है: सबसे पहले इकाई का अंक तय होता है और वही M को निश्चित कर देता है। फिर योग के दहाई के अंक को उसी M से मेल खाना पड़ता है, जिससे K निश्चित हो जाता है।
प्र3.
H के विषय में क्या विचार हैं? क्या यह 2 हो सकता है? क्या यह 3 हो सकता है?
उत्तर

H केवल 1 हो सकता है। यह 2 या 3 नहीं हो सकता।

K2 अधिकतम 92 है, अत: K2 + K2 अधिकतम 92 + 92 = 184 है।
200 से कम की 3-अंकीय संख्या का पहला अंक 1 ही होगा।
अत: H = 1, और H = 2 या H = 3 असंभव है।
ऐसा क्यों होता है: किसी 2-अंकीय संख्या को दुगुना करने पर 200 तक नहीं पहुँचा जा सकता। योग के सैकड़े का अंक केवल 1 के हासिल से आ सकता है, अत: H सदैव 1 होगा।
प्र4.
पता लगाइए कि प्रत्येक अक्षर किस अंक को व्यक्त करता है — YY + Z = ZOO; B5 + 3D = ED5; KP + KP = PRR; C1 + C = 1FF
उत्तर

पहेली 1: YY + Z = ZOO

YY अधिकतम 99 है और Z अधिकतम 9, अत: योग अधिकतम 108 है।
108 तक की 3-अंकीय संख्या 100 – 108 के बीच होगी, अत: Z = 1 तथा O = 0, अर्थात ZOO = 100।
YY + 1 = 100 → YY = 99 → Y = 9
जाँच: 99 + 1 = 100  

पहेली 2: B5 + 3D = ED5

इकाई: 5 + D का अंत 5 पर हो → D = 0, कोई हासिल नहीं।
योग के दहाई का अंक D = 0 है, अत: B + 3 का अंत 0 पर हो → B + 3 = 10 → B = 7, हासिल 1।
सैकड़ा: E = 1
जाँच: 75 + 30 = 105  

पहेली 3: KP + KP = PRR

2-अंकीय संख्या दुगुनी करने पर अधिकतम 198 आता है, अत: P = 1
2 × (10K + 1) = 100 + 11R
20K + 2 = 100 + 11R → 20K – 98 = 11R
K = 6 रखने पर 120 – 98 = 22 = 11 × 2 → R = 2
जाँच: 61 + 61 = 122  

पहेली 4: C1 + C = 1FF

(10C + 1) + C = 11C + 1, तथा 1FF = 100 + 11F
11C + 1 = 100 + 11F → 11(C – F) = 99 → C – F = 9
अत: C = 9 तथा F = 0
जाँच: 91 + 9 = 100  
क्रिप्टारिथमअक्षरों के मानअंकों में योग
YY + Z = ZOOY = 9, Z = 1, O = 099 + 1 = 100
B5 + 3D = ED5B = 7, D = 0, E = 175 + 30 = 105
KP + KP = PRRK = 6, P = 1, R = 261 + 61 = 122
C1 + C = 1FFC = 9, F = 091 + 9 = 100
ऐसा क्यों होता है: सदैव वहाँ से आरंभ कीजिए जहाँ सूचना सबसे कसी हुई हो — प्राय: इकाई का स्तंभ (जहाँ कोई हासिल नहीं आता) अथवा लंबे उत्तर का पहला अंक (जो केवल हासिल से बनता है, अत: प्राय: 1 ही होता है)।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ