प्र1.
किसी एक ग्रिड की विमाएँ (विस्तार) दी गई होने पर क्या आप गुणनफल को परिकलित किए बिना छोटे वर्गों की संख्या की समानता बता सकते हैं?
उत्तर
हाँ। केवल दोनों विमाओं की समानता देखिए।
| ग्रिड m × n | छोटे वर्गों की संख्या | उदाहरण |
|---|---|---|
| m और n दोनों विषम | विषम | 3 × 3 = 9 |
| इनमें से एक सम | सम | 3 × 4 = 12 |
| दोनों सम | सम | 4 × 6 = 24 |
छोटे वर्गों की संख्या = m × n
विषम × विषम = विषम
सम × कोई भी संख्या = सम
विषम × विषम = विषम
सम × कोई भी संख्या = सम
ऐसा क्यों होता है: यदि एक भुजा सम है तो पूरे ग्रिड को स्तंभों (या पंक्तियों) के पूर्ण युग्मों में बाँटा जा सकता है, अत: वर्ग पूर्णत: युग्म बना लेते हैं। यदि दोनों भुजाएँ विषम हैं तो प्रत्येक पंक्ति में एक वर्ग शेष बचता है और पंक्तियों की संख्या भी विषम है, अत: अंत में एक वर्ग अकेला रह जाता है।