प्र1.
एक त्रिभुज ABC पर विचार कीजिए। शीर्ष A की सम्मुख भुजा BC से कितनी ऊँचाई है तथा इसे किस प्रकार मापा जा सकता है?
उत्तर
A से BC पर लम्ब डालिए और उसे मापिए। वही लम्ब ऊँचाई है।
मान लीजिए AD ⟂ BC है, जहाँ D भुजा BC पर है
AD की लंबाई = BC से शीर्ष A की ऊँचाई
रेखाखंड AD इस त्रिभुज का एक शीर्षलम्ब कहलाता है
AD की लंबाई = BC से शीर्ष A की ऊँचाई
रेखाखंड AD इस त्रिभुज का एक शीर्षलम्ब कहलाता है
शेष दो शीर्षलम्ब BE तथा CF हैं — B और C से उनकी अपनी सम्मुख भुजाओं पर खींचे गए लम्ब।
ऐसा क्यों होता है: 'ऊँचाई' का अर्थ सदैव सबसे छोटी दूरी होता है, और किसी बिंदु से किसी रेखा तक की सबसे छोटी दूरी लम्ब के अनुदिश ही नापी जाती है। A से BC तक कोई भी तिरछा रेखाखंड AD से लंबा होगा, अत: वह A की वास्तविक ऊँचाई नहीं बताएगा।
संकेत: जब भी त्रिभुज की ऊँचाई शब्द आता है तो उसका अर्थ उसी भुजा पर खींचे गए शीर्षलम्ब से होता है जिसे आधार माना गया है।