गणित प्रकाश अध्याय 7 तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
त्रिभुज में तीन शीर्ष, तीन भुजाएँ एवं तीन कोण होते हैं। इसका नाम शीर्षों से किसी भी क्रम में रखा जा सकता है — ΔABC, ΔBAC तथा ΔCAB एक ही त्रिभुज हैं। परकार से खींचे गए दो चाप तीसरे शीर्ष पर मिलते हैं, अत: तीनों भुजाओं की लंबाइयाँ ज्ञात होने पर त्रिभुज की रचना बिना किसी प्रयास-त्रुटि के सटीक की जा सकती है। त्रिभुज असमिका: तीन लंबाइयों का त्रिभुज तभी बनता है जब प्रत्येक लंबाई अन्य दो के योग से कम हो। केवल सबसे बड़ी लंबाई की जाँच करना पर्याप्त है। त्रिभुज की रचना दो भुजाओं तथा उनके अंतर्गत कोण से भी होती है, और दो कोणों तथा उनकी अंतर्गत भुजा से भी — दूसरी स्थिति में दोनों कोणों का योग 180° से कम होना आवश्यक है। कोण योग गुण: किसी भी त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। इसकी उपपत्ति में एक शीर्ष से सम्मुख भुजा के समांतर रेखा खींची जाती है। शीर्षलम्ब किसी शीर्ष से सम्मुख भुजा पर खींचा गया
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- रचना कीजिए
- पता लगाइए
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पता लगाइए
- पाठ्य प्रश्न
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- पता लगाइए
- पाठ्य प्रश्न
- पता लगाइए
- पाठ्य प्रश्न
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- पता लगाइए
- पहेली का समय