प्र1.
यदि दो कोण दिए गए हों तो एक समांतर रेखा के उपयोग से त्रिभुज का तीसरा कोण ज्ञात कीजिए। (a) 36°, 72° (b) 150°, 15° (c) 90°, 30° (d) 75°, 45°
उत्तर
A से होकर BC के समांतर रेखा XY खींचिए। दोनों आधार कोण एकांतर कोणों के रूप में A पर फिर से बन जाते हैं, अत: A पर तीनों कोण मिलकर एक ऋजु कोण भर देते हैं।
∠XAB + ∠BAC + ∠YAC = 180°
∠B + ∠BAC + ∠C = 180°
तीसरा कोण = 180° – (शेष दो का योग)
∠B + ∠BAC + ∠C = 180°
तीसरा कोण = 180° – (शेष दो का योग)
| दोनों कोण | योग | तीसरा कोण |
|---|---|---|
| (a) 36°, 72° | 108° | 72° |
| (b) 150°, 15° | 165° | 15° |
| (c) 90°, 30° | 120° | 60° |
| (d) 75°, 45° | 120° | 60° |
पुस्तक की भाँति (a) का पूरा हल —
∠XAB = ∠B = 36° तथा ∠YAC = ∠C = 72° (एकांतर कोण)
∠XAB + ∠BAC + ∠YAC = 180°
36° + ∠BAC + 72° = 180°
108° + ∠BAC = 180°
∠BAC = 72°
∠XAB + ∠BAC + ∠YAC = 180°
36° + ∠BAC + 72° = 180°
108° + ∠BAC = 180°
∠BAC = 72°
संकेत: (a) तथा (b) दोनों समद्विबाहु त्रिभुज देते हैं, क्योंकि तीसरा कोण दिए हुए किसी एक कोण के बराबर निकलता है।