समद्विबाहु त्रिभुज को बनाने के लिए दिए गए वृत्त पर स्थित बिंदुओं या केंद्र बिंदु का उपयोग करें।
उत्तर
केंद्र O तथा वृत्त पर कोई भी दो बिंदु P और Q लीजिए। ΔOPQ समद्विबाहु होगा।
OP तथा OQ दोनों त्रिज्याएँ हैं, अत: ΔOPQ सदैव समद्विबाहु रहता है।
OP = त्रिज्या OQ = त्रिज्या अत: OP = OQ → ΔOPQ समद्विबाहु
ऐसा क्यों होता है: वृत्त का प्रत्येक बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होता है। इसलिए ज्यों ही तीन शीर्षों में से दो वृत्त पर हों और तीसरा केंद्र हो, दो भुजाएँ बराबर होनी ही हैं। P और Q को वृत्त पर कहीं भी खिसकाइए, त्रिभुज समद्विबाहु ही रहेगा।
प्रयास करें: वृत्त पर P, Q, R, S … अंकित कीजिए। ΔOPQ, ΔOQR, ΔORS … सभी समद्विबाहु हैं — आप जितने चाहें बना सकते हैं। यदि P और Q इस प्रकार लें कि PQ भी त्रिज्या के बराबर हो जाए तो त्रिभुज समबाहु भी बन जाता है।
प्र2.
समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुजों को बनाने के लिए दिए गए वृत्तों या केंद्रों पर स्थित बिंदुओं का उपयोग कीजिए। ये सभी वृत्त समान मापों के हैं।
उत्तर
दोनों चित्रों में प्रत्येक वृत्त दूसरे के केंद्र से होकर जाता है, अत: AB = त्रिज्या।
P तथा Q दोनों समान वृत्तों के प्रतिच्छेद बिंदु हैं; ΔABP एवं ΔABQ समबाहु हैं।
समबाहु त्रिभुज
AP = त्रिज्या (P, वृत्त A पर है) BP = त्रिज्या (P, वृत्त B पर है) AB = त्रिज्या (प्रत्येक वृत्त दूसरे के केंद्र से होकर जाता है) अत: AP = BP = AB → ΔABP समबाहु है (और ΔABQ भी)
समद्विबाहु त्रिभुज
केंद्र B वाले वृत्त पर कोई भी बिंदु C लीजिए। तब BC = त्रिज्या = AB, अत: ΔABC समद्विबाहु है। C को उस वृत्त पर घुमाते जाइए, असंख्य त्रिभुज मिलेंगे।
केंद्र A वाले वृत्त पर कोई भी दो बिंदु C और D लीजिए। तब AC = AD = त्रिज्या, अत: ΔACD समद्विबाहु है।
ΔAPQ तथा ΔBPQ भी समद्विबाहु हैं, क्योंकि AP = AQ एवं BP = BQ।
दूसरे चित्र में A, B और C तीनों केंद्र हैं तथा प्रत्येक शेष दोनों वृत्तों पर स्थित है —
AB = BC = CA = त्रिज्या अत: ΔABC समबाहु है
ऐसा क्यों होता है: समान वृत्त केवल एक ही लंबाई निश्चित करते हैं — उभयनिष्ठ त्रिज्या। किसी केंद्र से उसी के वृत्त के किसी बिंदु तक खींचा गया हर रेखाखंड उसी लंबाई का होता है। त्रिभुज की कितनी भुजाएँ ऐसी हैं, यह गिनते ही पता चल जाता है कि वह समद्विबाहु है (दो) या समबाहु (तीनों)।
क्या यह उपयोगी रहा?प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद!त्रुटि बताएँ