गणित प्रकाश अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. लंबाइयों पर विचार कीजिए। क्या इन लंबाइयों की भुजाओं वाले किसी त्रिभुज का अस्तित्व संभव है?
उत्तर

ऐसे त्रिभुज का अस्तित्व नहीं है।

सबसे बड़ी लंबाई = 30 से.मी.
अन्य दो का योग = 10 + 15 = 25 से.मी.
30 > 25 → सबसे बड़ी भुजा बहुत लंबी है
अत: 10 से.मी., 15 से.मी., 30 से.मी. भुजाओं वाला त्रिभुज असंभव है
ऐसा क्यों होता है: 30 से.मी. वाली भुजा के एक सिरे से दूसरे तक सीधा जाना 30 से.मी. की यात्रा है। तीसरे शीर्ष से घूमकर जाना 10 + 15 = 25 से.मी. है। इसका अर्थ होगा कि घूमकर जाने वाला मार्ग सीधे मार्ग से छोटा है — जो कभी संभव नहीं। इसलिए आकृति स्वयं ही टूट जाती है।
प्र2.
कल्पना कीजिए कि आप तंबू के प्रवेश द्वार पर हैं तथा आप उस पेड़ तक जाना चाहते हैं। कौन-सा मार्ग छोटा है — (i) पेड़ तक सरल रेखा मार्ग (लाल मार्ग) या (ii) तंबू से खंभे तक सरल रेखा मार्ग और फिर उसके बाद खंभे से पेड़ तक सरल रेखा मार्ग (पीला मार्ग)?
उत्तर

लाल मार्ग — तंबू से पेड़ तक का सीधा सरल रेखा मार्ग छोटा है।

तंबू पेड़ खंभा सीधा घूमकर
सीधा मार्ग (लाल) खंभे से घूमकर जाने वाले मार्ग (पीला) से छोटा है।
ऐसा क्यों होता है: दो बिंदुओं के बीच सरल रेखा ही सबसे छोटा संभावित मार्ग होती है। किसी तीसरे बिंदु से होकर घूमने पर लंबाई बढ़ ही जाती है। रोज़मर्रा का यही एक तथ्य पूरी त्रिभुज असमिका का आधार है।
प्र3.
क्या 10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. की लंबाइयों की भुजाओं वाले एक त्रिभुज के अस्तित्व के विषय में कुछ बताने के लिए इस समझ का उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर

हाँ। मान लीजिए ऐसा ΔABC है जिसमें BC = 10 से.मी., AB = 15 से.मी. तथा CA = 30 से.मी. है। तीनों युग्मों की जाँच कीजिए।

किनके बीचसीधा मार्गघूमकर जाने वाला मार्गसीधा छोटा?
B और CBC = 10 से.मी.BA + AC = 15 + 30 = 45 से.मी.हाँ
A और BAB = 15 से.मी.AC + CB = 30 + 10 = 40 से.मी.हाँ
C और ACA = 30 से.मी.CB + BA = 10 + 15 = 25 से.मी.नहीं!
30 से.मी. > 25 से.मी. — सीधा मार्ग घूमकर जाने वाले मार्ग से बड़ा है
यह निरर्थक है
अत: ऐसा त्रिभुज नहीं बन सकता
ऐसा क्यों होता है: हमने त्रिभुज का अस्तित्व मान लिया और एक असंभव निष्कर्ष तक पहुँच गए, अत: मान्यता ही गलत थी। ध्यान दीजिए कि इसमें न मापक चाहिए, न परकार, न रचना — केवल तर्कण। समांतर एवं प्रतिच्छेदी रेखाओं के गुणों की खोज भी ठीक इसी तरह हुई थी।
प्र4.
क्या हम 3 से.मी., 3 से.मी. और 7 से.मी. लंबाइयों की भुजाओं वाले एक त्रिभुज के अस्तित्व के बारे में जान सकते हैं? अपने उत्तर का सत्यापन इसकी रचना द्वारा कीजिए।
उत्तर

त्रिभुज का अस्तित्व नहीं है।

सीधा मार्ग = 7 से.मी.
घूमकर जाने वाला मार्ग = 3 + 3 = 6 से.मी.
7 > 6 → सीधा मार्ग घुमावदार मार्ग से बड़ा होगा — असंभव

रचना द्वारा सत्यापन: AB = 7 से.मी. खींचिए, फिर A से 3 से.मी. तथा B से 3 से.मी. त्रिज्या के चाप लगाइए। दोनों चाप 1 से.मी. की दूरी पर रुक जाते हैं और एक-दूसरे को कभी नहीं काटते, अत: तीसरा शीर्ष मिलता ही नहीं।

संकेत: 3 से.मी. की दो भुजाएँ मिलकर अधिक-से-अधिक 6 से.मी. ही पाट सकती हैं। 7 से.मी. का आधार उनकी पहुँच से बाहर है।
प्र5.
“चित्र 7.4 में दिए गए रफ आरेख में क्या लंबाइयों को एक भिन्न क्रम में नियत करना संभव है ताकि सीधे मार्ग सदैव घूमकर जाने वाले मार्गों की तुलना में छोटे रहें? यदि ऐसा संभव है तो एक त्रिभुज का अस्तित्व हो सकता है।” क्या त्रिभुज में लंबाइयों की ऐसी पुनर्व्यवस्था संभव है?
उत्तर

नहीं। नाम बदलने से कुछ नहीं बदलता।

आप जिस भी भुजा को 30 से.मी. कहें, शेष दो 10 से.मी. एवं 15 से.मी. ही रहेंगी
उनका योग सदैव 10 + 15 = 25 से.मी. है
और हर व्यवस्था में 30 > 25

वास्तव में केवल तीन भिन्न व्यवस्थाएँ बनती हैं और तीनों उसी एक तुलना में विफल होती हैं —

व्यवस्थाविफल तुलनात्रिभुज?
BC = 10, AB = 15, CA = 3030 > 10 + 15नहीं
BC = 15, AB = 30, CA = 1030 > 15 + 10नहीं
BC = 30, AB = 10, CA = 1530 > 10 + 15नहीं
ऐसा क्यों होता है: निर्णायक तुलना में केवल सबसे बड़ी संख्या और शेष दो का योग आता है। शीर्षों के नाम या भुजाओं का क्रम केवल लेबल हैं — वे 10 + 15 को 30 से बड़ा नहीं बना सकते।
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