गणित प्रकाश अध्याय 7 पता लगाइए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
हमने रचना द्वारा जाँच की है कि भुजाओं की लंबाइयों 3 से.मी., 4 से.मी. और 8 से.मी. तथा 2 से.मी., 3 से.मी. और 6 से.मी. वाले त्रिभुज बनाने संभव नहीं हैं। जाँच कीजिए कि क्या आप त्रिभुज की रचना किए बिना इस तथ्य का पता लगा सकते थे?
उत्तर

हाँ — प्रत्येक स्थिति में एक ही तुलना पर्याप्त है।

3, 4, 8 → 3 + 4 = 7 और 7 < 8 → त्रिभुज नहीं
2, 3, 6 → 2 + 3 = 5 और 5 < 6 → त्रिभुज नहीं
ऐसा क्यों होता है: सबसे लंबी भुजा वाला सीधा मार्ग शेष दो से बने घुमावदार मार्ग से छोटा होना चाहिए। यहाँ घुमावदार मार्ग (7 से.मी., 5 से.मी.) सीधे मार्ग (8 से.मी., 6 से.मी.) से छोटा है, जो असंभव है। अत: रचना कभी सफल होती ही नहीं थी — परकार ने केवल वही बताया जो संख्याएँ पहले ही कह रही थीं।
संकेत: सदैव सबसे बड़ी लंबाई की तुलना शेष दो के योग से कीजिए। यही एक जाँच काफी है।
प्र2.
क्या हम लंबाइयों के निम्नलिखित समूहों में से प्रत्येक के लिए एक त्रिभुज के अस्तित्व के बारे में बता सकते हैं? (a) 10 कि.मी., 10 कि.मी. और 25 कि.मी. (b) 5 मि.मी., 10 मि.मी. और 20 मि.मी. (c) 12 से.मी., 20 से.मी. और 40 से.मी.
उत्तर

तीनों में से किसी भी समूह से त्रिभुज नहीं बनता।

समूहसबसे बड़ीअन्य दो का योगतुलनात्रिभुज?
(a) 10, 10, 25 कि.मी.2510 + 10 = 2025 > 20नहीं
(b) 5, 10, 20 मि.मी.205 + 10 = 1520 > 15नहीं
(c) 12, 20, 40 से.मी.4012 + 20 = 3240 > 32नहीं
ऐसा क्यों होता है: प्रत्येक समूह में सबसे बड़ी लंबाई शेष दो के योग से बड़ी है, अत: दोनों छोटी भुजाएँ उसे कभी नहीं पाट सकतीं। इकाई (कि.मी., मि.मी., से.मी.) से कोई अंतर नहीं पड़ता — केवल संख्याएँ मायने रखती हैं, बशर्ते तीनों एक ही इकाई में हों।
प्र3.
अभी तक देखी गई लंबाइयों के प्रत्येक समूह में आपने इस ओर अवश्य ही ध्यान दिया होगा कि न्यूनतम दो तुलनाओं में एक सीधी लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम थी (यदि नहीं तो पुन: जाँच कीजिए)। उदाहरणार्थ, 10 से.मी., 15 से.मी. और 30 से.मी. की लंबाइयों के समूह के लिए ऐसा घटित होने वाली दो तुलनाएँ ये हैं — 10 < 15 + 30, 15 < 10 + 30। परंतु यह बात तीसरी लंबाई के लिए घटित नहीं होती है — 30 > 10 + 15 है। क्या ऐसा सदैव होगा? अर्थात लंबाइयों के किसी भी समूह के लिए न्यूनतम दो तुलनाएँ होंगी जिनमें एक लंबाई अन्य दो लंबाइयों के योग से कम होगी? लंबाइयों के भिन्न-भिन्न समूहों के लिए इसका पता लगाइए।
उत्तर

हाँ, सदैव। अधिक-से-अधिक एक ही तुलना विफल हो सकती है।

समूहसफल तुलनाएँविफल तुलना
7, 10, 157 < 25, 10 < 22, 15 < 17कोई नहीं — त्रिभुज बनता है
12, 14, 1812 < 32, 14 < 30, 18 < 26कोई नहीं — त्रिभुज बनता है
2, 3, 92 < 12, 3 < 119 > 2 + 3
1, 4, 51 < 9, 4 < 65 = 1 + 4 (कम नहीं)

लंबाइयों को बढ़ते क्रम में abc लिखिए। तब —

a ≤ c है और b धनात्मक है, अत: a < b + c ✓
b ≤ c है और a धनात्मक है, अत: b < a + c ✓
केवल c < a + b संदेह में रहती है
ऐसा क्यों होता है: छोटी लंबाई तो पहले ही सबसे बड़ी से अधिक नहीं है, अत: उसमें एक और धनात्मक लंबाई जोड़ने पर योग निश्चित रूप से बड़ा हो जाता है। इसीलिए दोनों छोटी लंबाइयाँ सदैव उत्तीर्ण होती हैं। पूरा प्रश्न केवल सबसे बड़ी लंबाई वाली एक तुलना पर टिका है।
प्रयास करें: कोई भी तीन लंबाइयाँ लेकर तीनों तुलनाएँ कीजिए। दो तुलनाओं को विफल करना आपसे कभी नहीं बन पड़ेगा।
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