प्र1.
निम्नलिखित मापनों के लिए त्रिभुजों की रचना कीजिए— (a) 75°, 5 से.मी., 75° (b) 25°, 3 से.मी., 60° (c) 120°, 6 से.मी., 30°
उत्तर
दी हुई भुजा को आधार खींचिए और उसके दोनों सिरों पर दिए हुए कोण बनाइए।
| समूह | आधार | सिरों पर कोण | दोनों कोणों का योग | तीसरा कोण | प्रकार |
|---|---|---|---|---|---|
| (a) 75°, 5 से.मी., 75° | 5 से.मी. | 75° और 75° | 150° | 30° | समद्विबाहु, न्यून कोण |
| (b) 25°, 3 से.मी., 60° | 3 से.मी. | 25° और 60° | 85° | 95° | विषमबाहु, अधिक कोण |
| (c) 120°, 6 से.मी., 30° | 6 से.मी. | 120° और 30° | 150° | 30° | समद्विबाहु, अधिक कोण |
तीसरा कोण = 180° – (दोनों दिए हुए कोणों का योग)
(a) 180° – 150° = 30°
(b) 180° – 85° = 95°
(c) 180° – 150° = 30°
(a) 180° – 150° = 30°
(b) 180° – 85° = 95°
(c) 180° – 150° = 30°
ऐसा क्यों होता है: तीनों में योग 180° से कम है, अत: हर बार दोनों भुजाएँ एक-दूसरे की ओर झुककर मिल ही जाती हैं। (c) में तीसरा कोण दिए हुए एक कोण (30°) के बराबर निकलता है, इसीलिए वह त्रिभुज समद्विबाहु बनता है।
स्वयं जाँचिए: रचना के बाद तीसरे कोण को चाँदे से मापकर तालिका के मान से मिलाइए।