गणित प्रकाश अध्याय 7 पता लगाइए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
निम्नलिखित कोणों में से प्रत्येक कोण के लिए एक अन्य कोण ज्ञात कीजिए जिसके लिए एक त्रिभुज (i) संभव है (ii) अथवा संभव नहीं है। प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम दो भिन्न-भिन्न कोण ज्ञात कीजिए। (a) 30° (b) 70° (c) 54° (d) 144°
उत्तर

त्रिभुज बनने के लिए दूसरा कोण, 180° में से दिए हुए कोण को घटाने पर मिली संख्या से कम होना चाहिए।

दिया कोणसीमा (180° – दिया)त्रिभुज संभव — दो विकल्प (तीसरा कोण)त्रिभुज संभव नहीं — दो विकल्प
(a) 30°150°50° (तीसरा 100°), 90° (तीसरा 60°)150°, 170°
(b) 70°110°60° (तीसरा 50°), 80° (तीसरा 30°)120°, 140°
(c) 54°126°90° (तीसरा 36°), 64° (तीसरा 62°)134°, 154°
(d) 144°36°20° (तीसरा 16°), 35° (तीसरा 1°)36°, 90°
नमूना जाँच, (b) में 60° के साथ —
70° + 60° = 130° < 180° ✓
तीसरा कोण = 180° – 130° = 50°
ऐसा क्यों होता है: चुने हुए दोनों कोणों को तीसरे कोण के लिए कुछ न कुछ बचाकर रखना पड़ता है, अत: उनका योग 180° से कम ही रहना चाहिए। सीमा पर या उससे ऊपर के कोण तीसरे के लिए कुछ भी नहीं छोड़ते।
संकेत: (d) में 144° पहले से ही बड़ा है, इसलिए साथी कोण के लिए बहुत कम जगह बचती है — 0° से थोड़ा ऊपर से लेकर 36° से थोड़ा नीचे तक।
प्र2.
निर्धारित कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-से युग्म एक त्रिभुज के कोण हो सकते हैं तथा कौन-से नहीं हो सकते हैं— (a) 35°, 150° (b) 70°, 30° (c) 90°, 85° (d) 50°, 150°
उत्तर

युग्म को जोड़िए और 180° से तुलना कीजिए।

युग्मयोगत्रिभुज के कोण?तीसरा कोण
(a) 35°, 150°185°नहीं हो सकते
(b) 70°, 30°100°हो सकते हैं80°
(c) 90°, 85°175°हो सकते हैं
(d) 50°, 150°200°नहीं हो सकते
ऐसा क्यों होता है: (c) में योग 175° है और केवल 5° की छूट बचती है, अत: त्रिभुज वास्तविक तो है पर बहुत पतला एवं नुकीला। (a) तथा (d) में योग पहले ही 180° से आगे निकल जाता है, जिससे तीसरे कोण के लिए ऋणात्मक मान बचता है — जो असंभव है।
प्र3.
त्रिभुज असमिका की तरह क्या आप एक नियम ऐसा बना सकते हैं जो उन दो कोणों की व्याख्या करे जिनके लिए एक त्रिभुज का निर्माण संभव है? क्या इस नियम को बनाने में दोनों कोणों के योग का उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर

हाँ। नियम में ठीक दोनों कोणों के योग का ही उपयोग होता है।

त्रिभुज के दो कोणों ∠A तथा ∠B के लिए —
0° < ∠A + ∠B < 180°
  • यदि योग 180° से कम है तो इन दो कोणों वाला त्रिभुज बनता है।
  • यदि योग 180° अथवा उससे अधिक है तो ऐसा कोई त्रिभुज नहीं बनता।
लंबाइयों का नियमकोणों का नियम
प्रत्येक लंबाई < अन्य दो का योगदो कोणों का योग < 180°
त्रिभुज असमिकाकोणों की शर्त
ऐसा क्यों होता है: तीसरा कोण वही है जो 180° में से बच जाता है। बचत तभी होगी जब पहले दो कोणों ने पूरे 180° खर्च न कर दिए हों। यह अगले ही पृष्ठ पर सिद्ध होने वाले कोण योग गुण का पहला संकेत है।
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