प्र1.
“हे बुद्धिमान! एक कृपण (कंजूस) ने एक भिखारी को एक द्रम्म का 1⁄5 का 1⁄16 का 1⁄4 का 1⁄2 का 2⁄3 का 3⁄4 भाग दिया। यदि आप भिन्नों का गणित अच्छे प्रकार जानते हैं तो आप मुझे बताओ कि कृपण ने भिखारी को कितनी कौड़ियाँ दीं?” (1 द्रम्म = 1280 कौड़ियाँ)
उत्तर
“का” का अर्थ है गुणा — अत: छहों भिन्नों को गुणा कीजिए।
1/2 × 2/3 × 3/4 × 1/5 × 1/16 × 1/4
1/2 × 2/3 = 1/3
1/3 × 3/4 = 1/4
1/4 × 1/5 = 1/20
1/20 × 1/16 = 1/320
1/320 × 1/4 = द्रम्म का 1/1280
1/2 × 2/3 = 1/3
1/3 × 3/4 = 1/4
1/4 × 1/5 = 1/20
1/20 × 1/16 = 1/320
1/320 × 1/4 = द्रम्म का 1/1280
1 द्रम्म = 1280 कौड़ियाँ
दान = 1/1280 × 1280
= 1 कौड़ी
दान = 1/1280 × 1280
= 1 कौड़ी
क्या आप जानते हैं? भास्कराचार्य ने गणित के भीतर विनोद छिपा रखा है — इतनी बड़ी-बड़ी भिन्नों के बाद कृपण ने केवल एक कौड़ी दी, जो सबसे कम मूल्य की मुद्रा थी।