गणित प्रकाश अध्याय 8 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“हे बुद्धिमान! एक कृपण (कंजूस) ने एक भिखारी को एक द्रम्म का 15 का 116 का 14 का 12 का 23 का 34 भाग दिया। यदि आप भिन्नों का गणित अच्छे प्रकार जानते हैं तो आप मुझे बताओ कि कृपण ने भिखारी को कितनी कौड़ियाँ दीं?” (1 द्रम्म = 1280 कौड़ियाँ)
उत्तर

“का” का अर्थ है गुणा — अत: छहों भिन्नों को गुणा कीजिए।

1/2 × 2/3 × 3/4 × 1/5 × 1/16 × 1/4
1/2 × 2/3 = 1/3
1/3 × 3/4 = 1/4
1/4 × 1/5 = 1/20
1/20 × 1/16 = 1/320
1/320 × 1/4 = द्रम्म का 1/1280
1 द्रम्म = 1280 कौड़ियाँ
दान = 1/1280 × 1280
= 1 कौड़ी
क्या आप जानते हैं? भास्कराचार्य ने गणित के भीतर विनोद छिपा रखा है — इतनी बड़ी-बड़ी भिन्नों के बाद कृपण ने केवल एक कौड़ी दी, जो सबसे कम मूल्य की मुद्रा थी।
प्र2.
यदि हम मानें कि 1 सोने का दीनार = 12 चाँदी के द्रम्म, 1 चाँदी का द्रम्म = 4 ताँबे के पण, 1 ताँबे का पण = 6 मशक और 1 पण = 30 कौड़ियाँ, तो 1 ताँबे का पण = 148 सोने का दीनार। 1 कौड़ी = ____ ताँबे के पण। 1 कौड़ी = ____ सोने का दीनार।
उत्तर

सिक्कों की श्रृंखला में उलटी दिशा में चलिए।

1 पण = 30 कौड़ियाँ
अत: 1 कौड़ी = 1/30 ताँबे का पण

1 पण = 1/48 सोने का दीनार
1 कौड़ी = 1/30 × 1/48
= 1/1440 सोने का दीनार
1 सोने का दीनार=मान
द्रम्म में12 × 112 द्रम्म
पण में12 × 448 पण
कौड़ियों में48 × 301440 कौड़ियाँ
यह क्यों काम करता है: “1 बड़ा सिक्का = n छोटे सिक्के” को उलट कर “1 छोटा सिक्का = बड़े सिक्के का 1n” लिखा जाता है। श्रृंखला बनाने पर ये भिन्नें आपस में गुणा हो जाती हैं।
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