प्र1.
(क) “सुन, उपवन में बड़े सबेरे, / तात भ्रमण करते थे तेरे,” — आप या आपके परिजन भ्रमण के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं? और क्यों?
उत्तर
यह आपके अपने अनुभव का प्रश्न है। उत्तर में स्थान और कारण दोनों लिखिए।
अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए:
- जगह का नाम (पार्क, नदी का किनारा, खेत, छत, विद्यालय का मैदान, मंदिर या गुरुद्वारे का रास्ता);
- कब जाते हैं — सबेरे, शाम, रविवार को;
- किसके साथ जाते हैं;
- क्यों जाते हैं — स्वास्थ्य, ताज़ी हवा, बातचीत, पक्षी देखना, मन का हल्का होना।
नमूना उत्तर: मेरे दादाजी हर सबेरे मुहल्ले के पार्क में टहलने जाते हैं और छुट्टी वाले दिन मुझे भी साथ ले जाते हैं। हम सूरज निकलने से पहले पहुँच जाते हैं, जब घास पर ओस की बूँदें चमक रही होती हैं — ठीक वैसे ही जैसे कविता में “झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे”। वहाँ हम पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर तोतों और गिलहरियों को देखते हैं। दादाजी कहते हैं कि सबेरे की हवा दवा से भी अच्छी होती है। गर्मियों की छुट्टियों में हम गाँव जाते हैं, जहाँ नहर के किनारे-किनारे बहुत दूर तक चलते हैं। मुझे भ्रमण इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि उस समय घर की भाग-दौड़ नहीं होती और दादाजी से खूब बातें हो जाती हैं।