प्र1.
“राहुल, तू निर्णय कर इसका–” नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। बताइए कि इन स्थितियों में आप क्या करेंगे? 1. खेलते समय आप देखते हैं कि एक मित्र ने भूल से एक नियम तोड़ा है।
उत्तर
मैं खेल रोककर शांति से उसे बता दूँगा कि यह नियम इस तरह होता है — क्योंकि उसने जान-बूझकर नहीं, भूल से तोड़ा है।
- पहले यह देखूँगा कि सचमुच नियम टूटा है या मुझे भ्रम हुआ;
- सबके सामने चिल्लाकर या ताना देकर नहीं, बल्कि पास जाकर कहूँगा — “यार, यह चाल नियम के विरुद्ध है, फिर से कर लो”;
- यदि विवाद हो तो दोनों टीमों के साथ मिलकर नियम एक बार दोहरा लेंगे;
- खेल फिर से उसी जगह से शुरू करेंगे।
क्यों: भूल और बेईमानी दो अलग बातें हैं। भूल पर दंड नहीं, सुधार चाहिए। और नियम की याद दिलाना दोस्ती तोड़ना नहीं, खेल को बचाना है।