प्र1.
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनकी अंतिम ध्वनि से मिलती-जुलती ध्वनि वाले शब्द वर्ग में से खोजिए और लिखिए— शब्द — 1. मूरति (समान ध्वनि वाला शब्द — सूरति) 2. सावन 3. उमड़ 4. नागर 5. नंदलाल। वर्ग — आ | घु | म | ड़ / व | अ | सू | गो / न | ग | र | पा / सो | भि | ति | ल
उत्तर
वर्ग (4 × 4 का खाना) इस प्रकार है —
| आ | घु | म | ड़ |
| व | अ | सू | गो |
| न | ग | र | पा |
| सो | भि | ति | ल |
उत्तर —
| शब्द | समान ध्वनि वाला शब्द | वर्ग में कहाँ से मिला |
|---|---|---|
| 1. मूरति | सूरति | तीसरे स्तंभ में ऊपर से नीचे — सू + र + ति (यह उदाहरण पहले से दिया हुआ है) |
| 2. सावन | आवन | पहले स्तंभ में ऊपर से नीचे — आ + व |
| 3. उमड़ | घुमड़ | पहली पंक्ति में बाएँ से दाएँ — घु + म + ड़ |
| 4. नागर | नगर | तीसरी पंक्ति में बाएँ से दाएँ — न + ग + र |
| 5. नंदलाल | गोपाल | चौथे स्तंभ में ऊपर से नीचे — गो + पा + ल |
‘समान ध्वनि’ का अर्थ: शब्द के अंत की ध्वनि मिलनी चाहिए, अर्थ नहीं। जैसे — मूरति / सूरति, सावन / आवन, उमड़ / घुमड़, नागर / नगर, नंदलाल / गोपाल। इसी को कविता में तुक कहते हैं, और इसी तुक के कारण मीरा के पद गाने में इतने मीठे लगते हैं।
Try This: वर्ग में बचे हुए अक्षरों को भी जोड़कर देखिए — चौथी पंक्ति में सो + भि + ति से ‘सोभित’ बन जाता है, जो पद का ही शब्द है (“क्षुद्र घंटिका कटितट सोभित”)। इस तरह के वर्ग-पहेली में शब्द सीधे (बाएँ से दाएँ) और खड़े (ऊपर से नीचे) — दोनों तरह से छिपे रहते हैं।