प्र1.
नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग करके आप कवयित्री मीरा के बारे में और जान-समझ सकते हैं — • मीरा • मीरा के भजन • मीराबाई • मीरा के भजन— एम एस सुब्बु लक्ष्मी • मीरा फिल्म 1945 भाग एक • मेरे तो गिरधर गोपाल
उत्तर
यह खोजबीन की गतिविधि है। पुस्तक में दिए गए हर संकेत से क्या मिलेगा, यह देख लीजिए —
| खोज-शब्द | क्या मिलेगा | क्या नोट कीजिए |
|---|---|---|
| मीरा / मीराबाई | मीरा का जीवन-परिचय — राजस्थान के मेड़ता क्षेत्र में जन्म, बचपन से कृष्ण-भक्ति, महल त्यागकर तीर्थ-यात्रा | जन्म-स्थान, समय (लगभग सोलहवीं शताब्दी), किन-किन स्थानों की यात्रा की |
| मीरा के भजन | उनके प्रसिद्ध पदों के पाठ और गायन | दो-तीन पदों की पहली पंक्तियाँ अपनी पुस्तिका में लिख लीजिए |
| मीरा के भजन — एम एस सुब्बुलक्ष्मी | प्रसिद्ध गायिका एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की आवाज़ में मीरा के भजन | सुनिए कि एक ही पद गाने पर कितना अलग लगता है |
| मीरा फिल्म 1945 भाग एक | मीरा के जीवन पर बनी पुरानी फ़िल्म | देखिए कि फ़िल्म में मीरा का जीवन किस तरह दिखाया गया है |
| मेरे तो गिरधर गोपाल | मीरा का सबसे प्रसिद्ध पद — “मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई” | इसकी तुलना पाठ के पदों से कीजिए — छाप वही है, ‘गिरधर’ नाम वही है |
खोजबीन के बाद एक छोटा-सा काम कीजिए: अपनी लेखन-पुस्तिका में मीरा पर एक पृष्ठ बनाइए —
- मीरा का परिचय — पाँच वाक्यों में।
- उनके तीन पदों की पहली पंक्तियाँ।
- जो पद आपको सबसे अच्छा लगा, उसका एक वाक्य में कारण।
- पद सुनते समय जो चित्र मन में बना, उसका एक रेखाचित्र।
ध्यान रखिए: इंटरनेट पर खोज करते समय बड़ों की सहायता लीजिए। जो जानकारी मिले, उसे एक से अधिक जगह मिलाकर देख लीजिए — तभी वह भरोसेमंद मानी जाती है।