यह कल्पना का प्रश्न है, इसलिए उत्तर एक नहीं। पर अच्छा उत्तर पद से जुड़ा होना चाहिए — बादलों की भाषा वैसी ही हो जैसी पद में उनकी हरकत है: उमड़ना-घुमड़ना, गरजना, दामिनी का दमकना और बूँदों का टपकना।
क्या कहा होगा — बादल गरजकर वही खबर लाए जो मीरा सुनना चाहती थीं — “तुम्हारे गिरधर आ रहे हैं”।
कैसे कहा होगा — शब्दों से नहीं, संकेतों से — गड़गड़ाहट से आवाज़ दी, बिजली चमकाकर रोशनी की, और नन्हीं बूँदें भेजकर मीरा को छू लिया। इसीलिए मीरा कहती हैं “भनक सुनी हरि आवन की” — भनक यानी हल्की-सी, अधूरी-सी आहट।
नमूना उत्तर (बादलों की बात):
चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़कर हम इसलिए आए हैं कि तुम्हें एक खबर देनी है।
यह देखो, दामिनी को दमका दिया है — यह हमारा दीपक है, हमने तुम्हारे प्रभु के आने की राह जगमगा दी है।
इन नन्हीं-नन्हीं बूँदों को गिना करो — ये हमारे बोल हैं।
और यह जो शीतल पवन तुम्हें छूकर गई — यह उन्हीं की ओर से भेजा हुआ संदेश है।
तैयार हो जाओ मीरा, तुम्हारे गिरधर नागर आ रहे हैं!”