यह आपकी अपनी पसंद का प्रश्न है — पर उत्तर पाठ में आई बातों से जुड़ा होना चाहिए। पाठ में श्रीकृष्ण की जो-जो बातें आई हैं, उनमें से चुनिए —
| बात | पाठ में कहाँ | क्यों आकर्षित करती है |
|---|---|---|
| मुरली | “अधर सुधा रस मुरली राजति” | एक साधारण बाँस की पोरी से ऐसी धुन निकलती है कि सब उसकी ओर खिंचे चले आते हैं |
| साँवला रूप | “साँवरि सूरति” | सुंदरता केवल गोरे रंग में नहीं होती — यह पंक्ति यही सिखाती है |
| विशाल नैन | “नैना बने विशाल” | बड़ी और शांत आँखें अपनापन जगाती हैं |
| भक्तों से स्नेह | “भक्त वछल गोपाल” | वे भक्त की योग्यता नहीं, उसका प्रेम देखते हैं |
| संतों को सुख देना | “संतन सुखदाई” | बड़ा होकर भी सबके पास रहना, दूर न हो जाना |
| गिरधर होना | “मीरा के प्रभु गिरधरनागर” | पर्वत उठाकर गाँव के लोगों और पशुओं की रक्षा की — साहस और सेवा दोनों |
नमूना उत्तर: “मुझे श्रीकृष्ण की दो बातों ने सबसे अधिक आकर्षित किया। पहली — उनकी मुरली। वे कोई अस्त्र-शस्त्र नहीं, बाँस की एक पोरी लेकर चलते हैं और उसी से सबका मन जीत लेते हैं। दूसरी — ‘भक्त वछल’ होना। मीरा एक साधारण भक्त थीं, पर उनके पद कहते हैं कि प्रभु ने उन्हें कभी दूर नहीं किया। मुझे यह बात अच्छी लगती है कि वे बड़े होकर भी छोटे-से भक्त को नहीं भूलते।”