प्र1.
(क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए। जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए। 1. हैं जनम लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता। ____ में उन पर चमकता ____ भी, (रात, रात्रि, रजनी, निशा) (शशि, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु) एक ही सी चाँदनी है डालता। 2. ______ उन पर है बरसता एक सा, (मेह, बादल, मेघ, जलद) एक सी उन पर ______ हैं बही। (वायु, पवन, समीर, मारुत, बयारें, हवायें) पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।
उत्तर
कवि ने मूल कविता में जो शब्द रखे हैं, वे हैं — रात, चाँद, मेह और हवायें। इन्हीं पर घेरा बनाइए। कारण यह है कि ये चारों शब्द पंक्ति की मात्रा (लय) में ठीक बैठते हैं और सरल-सहज भी हैं।
| रिक्त स्थान | जो शब्द जँचता है | क्यों | बाकी शब्द |
|---|---|---|---|
| “____ में उन पर चमकता” | रात | ‘रात में’ बोलने में सहज है और लय टूटती नहीं। ‘रजनी में’, ‘निशा में’ भारी और साहित्यिक लगते हैं। | रात्रि, रजनी, निशा — तीनों का अर्थ ‘रात’ ही है। |
| “चमकता ____ भी” | चाँद | अगली ही पंक्ति में ‘चाँदनी’ आता है — ‘चाँद’ रखने से चाँद–चाँदनी की सुंदर आवृत्ति बन जाती है। | शशि, चंद्रमा, राकेश, इंदु — सब ‘चाँद’ के पर्यायवाची। |
| “____ उन पर है बरसता एक सा” | मेह | ‘मेह’ एक अक्षर छोटा है और ‘बरसता’ के साथ जुड़कर लय बनाए रखता है। ‘बादल’ रखने पर पंक्ति लंबी हो जाती है। | बादल, मेघ, जलद — तीनों का अर्थ ‘बादल/वर्षा’। |
| “एक सी उन पर ____ हैं बही” | हवायें | ‘हैं बही’ बहुवचन क्रिया है, इसलिए बहुवचन शब्द चाहिए। ‘हवायें’ और ‘बयारें’ दोनों बहुवचन हैं, पर ‘हवायें’ सबसे सहज है। | वायु, पवन, समीर, मारुत — एकवचन; बयारें — बहुवचन, यह भी चल सकता है। |
यह गतिविधि क्यों है: सभी दिए गए शब्दों का अर्थ लगभग एक ही है, फिर भी कविता में हर शब्द नहीं चलता। कवि शब्द चुनते समय तीन बातें देखता है — अर्थ, लय और ध्वनि। इसी को ‘शब्द का जँचना’ कहते हैं। इसे परखने का तरीका सरल है: पंक्ति को हर शब्द के साथ ज़ोर से पढ़िए और सुनिए कि कहाँ ठोकर लगती है।
पर्यायवाची याद रखिए: रात = रात्रि, रजनी, निशा, यामिनी। चाँद = शशि, चंद्रमा, राकेश, इंदु, सुधाकर। बादल = मेह, मेघ, जलद, घन, पयोद। हवा = वायु, पवन, समीर, मारुत, बयार, अनिल।