मल्हार अध्याय 3 विशेषण

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“भौंर का है बेध देता श्याम तन।” ‘श्याम तन’ का अर्थ है— काला शरीर। यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है, अर्थात् ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है। (क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए — 1. भौंर का है बेध देता श्याम तन 2. फाड़ देता है किसी का वर बसन 3. भौंर को अपना अनूठा रस पिला 4. निज सुगंधों औ निराले ढंग से
उत्तर

विशेषण = जो गुण बताए; विशेष्य = जिसका गुण बताया जाए। तालिका इस प्रकार भरी जाएगी —

क्रमपंक्तिविशेषणविशेष्यअर्थ
1भौंर का है बेध देता श्याम तनश्यामतनकाला शरीर (पुस्तक में उदाहरण के रूप में पहले से भरा है)
2फाड़ देता है किसी का वर बसनवरबसनउत्तम/श्रेष्ठ वस्त्र
3भौंर को अपना अनूठा रस पिलाअनूठारसअनोखा, बेजोड़ रस
4निज सुगंधों औ निराले ढंग सेनिज, निरालेसुगंधों, ढंगअपनी सुगंध और अनोखा ढंग

चौथी पंक्ति में दो जोड़े हैं — ‘निज’ विशेषण है और ‘सुगंधों’ विशेष्य; ‘निराले’ विशेषण है और ‘ढंग’ विशेष्य।

पहचानने का तरीका: वाक्य से प्रश्न पूछिए — “कैसा?”। उत्तर विशेषण होगा। जैसे — कैसा तन? श्याम तन। कैसा बसन? वर बसन। कैसा रस? अनूठा रस। जिस शब्द के बारे में प्रश्न पूछा गया, वही विशेष्य है (तन, बसन, रस)।
ध्यान दें: कविता के मूल पाठ में यह पंक्ति “निज सुगंधों औ निराले रंग से” है, जबकि इस अभ्यास की तालिका में इसे “निराले ढंग से” छापा गया है। दोनों में विशेषण ‘निराले’ ही रहेगा; विशेष्य पुस्तक के अनुसार ‘ढंग’ लिखिए (कविता के अनुसार ‘रंग’)।
प्र2.
(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए — 1. फूल 2. काँटा 3. मेह 4. चाँद 5. रात
उत्तर

हर विशेष्य के लिए दो-दो विशेषण नीचे दिए जा रहे हैं। आप अपने मन से इनसे अलग भी लिख सकते हैं — शर्त यह है कि शब्द उस वस्तु का गुण, रंग, आकार या दशा बताए।

विशेष्यविशेषणवाक्य में प्रयोग
1. फूलसुगंधित, कोमलबगीचे का सुगंधित फूल दूर से ही पहचान में आ गया।
2. काँटानुकीला, कठोरबबूल का नुकीला काँटा चप्पल में धँस गया।
3. मेहमूसलाधार, ठंडादोपहर में मूसलाधार मेह बरसा और गलियाँ भर गईं।
4. चाँदउजला, गोलशरद पूर्णिमा का उजला चाँद आँगन में दूध-सा फैल गया।
5. रातअँधेरी, शांतअमावस की अँधेरी रात में जुगनू तारों-से चमक रहे थे।

और विकल्प — फूल: खिला, ताज़ा, लाल, मुरझाया। काँटा: तीखा, लंबा, छोटा, चुभने वाला। मेह: झमाझम, हल्का, पहला, बेमौसम। चाँद: पूरा, आधा, चाँदी-सा, धुँधला। रात: लंबी, चाँदनी, सर्द, सुहानी।

जाँच का नियम: लिखा हुआ शब्द विशेषण है या नहीं — यह जानने के लिए उसके आगे विशेष्य लगाकर पूछिए “कैसा/कैसी?” यदि उत्तर बन जाए तो वह विशेषण है। जैसे — “कैसी रात? अँधेरी रात।” ✔
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