प्र1.
“भौंर का है बेध देता श्याम तन।” ‘श्याम तन’ का अर्थ है— काला शरीर। यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है, अर्थात् ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है। (क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए — 1. भौंर का है बेध देता श्याम तन 2. फाड़ देता है किसी का वर बसन 3. भौंर को अपना अनूठा रस पिला 4. निज सुगंधों औ निराले ढंग से
उत्तर
विशेषण = जो गुण बताए; विशेष्य = जिसका गुण बताया जाए। तालिका इस प्रकार भरी जाएगी —
| क्रम | पंक्ति | विशेषण | विशेष्य | अर्थ |
|---|---|---|---|---|
| 1 | भौंर का है बेध देता श्याम तन | श्याम | तन | काला शरीर (पुस्तक में उदाहरण के रूप में पहले से भरा है) |
| 2 | फाड़ देता है किसी का वर बसन | वर | बसन | उत्तम/श्रेष्ठ वस्त्र |
| 3 | भौंर को अपना अनूठा रस पिला | अनूठा | रस | अनोखा, बेजोड़ रस |
| 4 | निज सुगंधों औ निराले ढंग से | निज, निराले | सुगंधों, ढंग | अपनी सुगंध और अनोखा ढंग |
चौथी पंक्ति में दो जोड़े हैं — ‘निज’ विशेषण है और ‘सुगंधों’ विशेष्य; ‘निराले’ विशेषण है और ‘ढंग’ विशेष्य।
पहचानने का तरीका: वाक्य से प्रश्न पूछिए — “कैसा?”। उत्तर विशेषण होगा। जैसे — कैसा तन? श्याम तन। कैसा बसन? वर बसन। कैसा रस? अनूठा रस। जिस शब्द के बारे में प्रश्न पूछा गया, वही विशेष्य है (तन, बसन, रस)।
ध्यान दें: कविता के मूल पाठ में यह पंक्ति “निज सुगंधों औ निराले रंग से” है, जबकि इस अभ्यास की तालिका में इसे “निराले ढंग से” छापा गया है। दोनों में विशेषण ‘निराले’ ही रहेगा; विशेष्य पुस्तक के अनुसार ‘ढंग’ लिखिए (कविता के अनुसार ‘रंग’)।