प्र1.
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए— (बीच में ‘बड़प्पन’ लिखा है और उससे सात ख़ाने जुड़े हैं, जिनमें से एक में ‘संतोष’ पहले से भरा हुआ है।)
उत्तर
पुस्तक में सात ख़ाने हैं और एक ख़ाने में संतोष पहले से भरा है। शेष छह ख़ानों में ‘बड़प्पन’ के साथ चलने वाले भाव भरने हैं।
| ख़ाना | शब्द | यह बड़प्पन से क्यों जुड़ा है |
|---|---|---|
| 1 | विनम्रता | जो सचमुच बड़ा होता है, वह झुकना जानता है — फूल भी भारी होकर झुक जाता है। |
| 2 | संतोष (पहले से भरा हुआ) | जो अपने पास जो है उसी में प्रसन्न रहता है, वह लालच से बड़ा हो जाता है। |
| 3 | उदारता | बिना गिने और बिना जताए देना बड़प्पन की सबसे साफ़ पहचान है। |
| 4 | क्षमा | बदला लेने की शक्ति होते हुए भी माफ़ कर देना ही बड़ाई है। |
| 5 | सहनशीलता | बड़ा व्यक्ति छोटी बातों पर बिगड़ता नहीं, सह लेता है। |
| 6 | परोपकार | दूसरों के काम आना — जैसे फूल तितली और भौंरे के काम आता है। |
| 7 | त्याग | अपना सुख छोड़कर दूसरों को देना बड़प्पन की सबसे ऊँची सीढ़ी है। |
अन्य शब्द जो लिखे जा सकते हैं — दया, करुणा, सद्भावना, समर्पण, आदर, निष्ठा, धैर्य, सरलता, सादगी, निःस्वार्थता।
चर्चा का सुझाव: समूह में हर साथी एक शब्द बोले और साथ में यह भी बताए कि उसने किस व्यक्ति में वह गुण देखा है। इससे शब्द केवल याद नहीं होता, समझ में उतर जाता है।