प्र1.
जल के प्राकृतिक स्रोत हैं— वर्षा, नदी, झील और तालाब। दिए गए वर्ग में जल और इन प्राकृतिक स्रोतों के समानार्थी शब्द ढूँढ़िए और लिखिए।
उत्तर
वर्ग में शब्द बाएँ से दाएँ और ऊपर से नीचे — दोनों दिशाओं में छिपे हैं। नीचे रंगीन खानों में वे अक्षर दिखाए गए हैं जो किसी न किसी शब्द का हिस्सा हैं।
| क | मे | क | ग | ब | पा | ज | र |
| ल | ह | व | नी | न | र | ला | ज |
| अं | बु | स | र | ब | स | श | नी |
| म | न | रो | रि | ल | लि | य | य |
| य | भ | व | थ | ता | ल | श | त |
| ज | वा | र | म | ग | र | पा | टि |
| बा | रि | श | त | प्र | वा | हि | नी |
| व | र | त | रं | गि | णी | ट | ग |
वर्ग में छिपे शब्द —
| शब्द | किसका समानार्थी | कहाँ मिला |
|---|---|---|
| अंबु | जल | तीसरी पंक्ति में बाएँ से दाएँ (अं + बु) |
| नीर | जल | चौथे खाने में ऊपर से नीचे (नी + र) |
| सलिल | जल | छठे खाने में ऊपर से नीचे (स + लि + ल) |
| वारि | जल | दूसरे खाने में ऊपर से नीचे (वा + रि) |
| बारिश | वर्षा | सातवीं पंक्ति में बाएँ से दाएँ (बा + रि + श) |
| मेह | वर्षा | दूसरे खाने में सबसे ऊपर, नीचे की ओर (मे + ह) |
| तटिनी | नदी | आठवें खाने में ऊपर से नीचे (त + टि + नी) |
| तरंगिणी | नदी | आठवीं पंक्ति में बाएँ से दाएँ (त + रं + गि + णी) |
| प्रवाहिनी | नदी | सातवीं पंक्ति में बाएँ से दाएँ (प्र + वा + हि + नी) |
| सरिता | नदी | तिरछा — ‘स’ से शुरू होकर नीचे-दाएँ की ओर (स + रि + ता) |
| सर | झील / तालाब | तीसरी पंक्ति में बाएँ से दाएँ (स + र) |
| सरोवर | झील / तालाब | तीसरे खाने में ऊपर से नीचे (स + रो + व + र) |
| ताल | तालाब | पाँचवीं पंक्ति में बाएँ से दाएँ (ता + ल) |
| जलाशय | तालाब | सातवें खाने में ऊपर से नीचे (ज + ला + श + य) |
अर्थ भी जान लीजिए: अंबु, नीर, सलिल, वारि — चारों का अर्थ जल है। तटिनी = जिसके तट हों, तरंगिणी = जिसमें तरंगें उठें, प्रवाहिनी = जो बहती रहे, सरिता = जो सरकती चले — चारों नदी के नाम हैं और चारों में नदी का कोई गुण छिपा है। सर और सरोवर झील के लिए, ताल और जलाशय तालाब के लिए।
ढूँढ़ने का तरीका: पहले वे खाने देखिए जिनमें ‘जल’, ‘नी’, ‘वा’, ‘स’ जैसे अक्षर हैं — पानी के अधिकतर पर्यायवाची इन्हीं से शुरू होते हैं। फिर उस अक्षर से दाईं ओर और नीचे की ओर पढ़कर देखिए।