यह घर पर करने का काम है। तरीका यह है — एक बालटी को मापक मान लीजिए (एक साधारण बालटी लगभग 15 लीटर की होती है) और एक पूरे दिन गिनते रहिए कि किस काम में कितनी बालटी लगीं। नीचे नमूना तालिका दी गई है; आप अपने घर के असली आँकड़े भरिए।
| काम | कितनी बार | लगभग बालटी | लगभग लीटर |
|---|---|---|---|
| नहाना (5 सदस्य) | 5 | 10 | 150 |
| कपड़े धोना | 1 | 4 | 60 |
| बर्तन धोना | 3 | 3 | 45 |
| खाना पकाना और पीना | — | 1 | 15 |
| शौचालय | — | 6 | 90 |
| घर-आँगन की सफाई | 1 | 2 | 30 |
| पौधों और पशुओं के लिए | — | 2 | 30 |
| कुल (एक दिन) | — | 28 | 420 लीटर |
कुल बालटी = 28
28 × 15 = 420 लीटर प्रतिदिन
प्रति व्यक्ति = 420 ÷ 5 = 84 लीटर प्रतिदिन
एक महीने में = 420 × 30 = 12,600 लीटर
घर के लोग पानी बचाने के लिए जो उपाय करते हैं (नमूना उत्तर):
- नल की टोंटी में टपकन दिखते ही उसे तुरंत ठीक करवाना।
- बालटी और मग से नहाना, शॉवर या फुहारे का प्रयोग न करना।
- सब्जी और चावल धोया हुआ पानी गमलों में डालना।
- बर्तन पहले पोंछकर फिर कम पानी में धोना; कपड़े इकट्ठे करके एक बार में धोना।
- आँगन धोने के बजाय झाड़ू लगाना।
- पीने का पानी उतना ही गिलास में लेना जितना पीना हो — बचा हुआ फेंकना नहीं, पौधे में डालना।