मल्हार अध्याय 4 सबका पानी

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
‘सभी को अपनी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी कैसे मिले’ इस विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन करें। परिचर्चा के मुख्य बिंदुओं को आधार बनाते हुए रिपोर्ट तैयार करें।
उत्तर

यह कक्षा की गतिविधि है। इसे तीन चरणों में कीजिए — तैयारी → परिचर्चा → रिपोर्ट

1. तैयारी: कक्षा को चार समूहों में बाँटिए — घर, विद्यालय, गाँव/मोहल्ला और प्रशासन। हर समूह अपने हिस्से पर दो-तीन बिंदु सोचकर लाए।

2. परिचर्चा में ये बिंदु जरूर आने चाहिए:

  • बँटवारा: पानी सबका है, इसलिए बारी और मात्रा तय हो — मोटर लगाकर कोई एक घर सबका पानी न खींच ले।
  • समय: नल का समय तय और सबको पता हो, ताकि किसी को रात-बिरात न उठना पड़े।
  • भंडारण: हर घर में और विद्यालय में साफ ढका हुआ भंडारण हो; टंकियों की नियमित सफाई हो।
  • वर्षा जल संग्रहण: छतों का पानी टंकी या सोख्ता गड्ढे में जाए — “जल जहाँ गिरे वहीं एकत्र कीजिए।”
  • जलस्रोतों की रखवाली: तालाब, कुएँ, बावड़ी और नदी में कचरा न जाए।
  • रिसाव रोकना: टूटे पाइप और टपकते नल तुरंत ठीक हों — जो पानी बीच रास्ते बह जाता है, वह किसी के काम नहीं आता।
  • बराबरी: यह भी देखा जाए कि बस्ती के अंतिम छोर तक, सबसे कमजोर परिवार तक पानी पहुँच रहा है या नहीं।

3. रिपोर्ट का ढाँचा (नमूना):

शीर्षकक्या लिखें
विषयसभी को आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी कैसे मिले
तिथि, स्थान, सहभागीदिनांक, कक्षा 7 का कक्ष, कुल 38 विद्यार्थी, संचालन — कक्षा-अध्यक्ष
उठाए गए मुख्य बिंदुऊपर दिए बिंदुओं में से जो कक्षा में सचमुच उठे
मतभेद के बिंदुजैसे — पानी का शुल्क लिया जाए या नहीं; मोटर पर पूरी रोक हो या समय तय हो
सर्वसम्मत सुझावतीन-चार ऐसे सुझाव जिन पर सब सहमत हुए
हम क्या करेंगेकक्षा का अपना संकल्प — जैसे “विद्यालय के सारे टपकते नल की सूची बनाकर प्रधानाचार्य को देंगे”
परिचर्चा का नियम: एक बार में एक व्यक्ति बोले, हर समूह को बराबर समय मिले और अंत में सुझाव लिखे जाएँ — नहीं तो अच्छी बातें बोलकर हवा में उड़ जाती हैं।
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