प्र1.
(क) कल्पना कीजिए कि किसी दिन आपके घर में पानी नहीं आया। आपको विद्यालय जाना है। आपके घर के समीप ही एक सार्वजनिक नल है। आप बालटी आदि लेकर वहाँ पहुँचते हैं और ठीक उसी समय आपके पड़ोसी भी पानी लेने पहुँच जाते हैं। आप दोनों ही अपनी-अपनी बालटी पहले भरना चाहते हैं। ऐसी परिस्थिति में आपस में किसी प्रकार का विवाद (तू-तू मैं-मैं) न हो, यह ध्यान में रखते हुए पाँच संदेश वाक्य (स्लोगन) तैयार कीजिए।
उत्तर
अच्छा स्लोगन छोटा होता है, उसमें लय होती है और वह लड़ाई की जगह मिल-बाँटकर चलने की बात कहता है। पाँच नमूना स्लोगन —
- “पहले आप, पहले आप — पानी बँटे, न बढ़े ताप।”
- “लाइन में लगकर भरो पानी, यही है समझदारी की निशानी।”
- “झगड़ा नहीं, बारी-बारी — पानी है सबकी जरूरत सारी।”
- “बालटी भर, फिर पीछे हट — पड़ोसी भी है अपना ही घर।”
- “पानी पर सबका हक बराबर, न कोई छोटा, न कोई बड़ा तर।”
ये पंक्तियाँ काम क्यों करती हैं: हर स्लोगन में दो चीजें हैं — एक नियम (लाइन में लगो, बारी से भरो) और एक भाव (पड़ोसी अपना है, हक बराबर है)। केवल डाँट या मनाही वाला वाक्य (“शोर मत करो”) स्लोगन नहीं बनता।
बनाने का तरीका: पहले वह बात सोचिए जो आप कहना चाहते हैं, फिर उसे 6–8 शब्दों में लिखिए, फिर अंत के दो शब्दों में तुक मिलाइए। पाठ का ही एक वाक्य आपकी मदद करेगा — “यह तो अपने आस-पास का हक छीनने जैसा काम है।”