प्र1.
(क) पाठ के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) “बिना बिचारे” काम करने के क्या परिणाम होते हैं? • दूसरों से प्रशंसा मिलती है। • मन में शांति बनी रहती है। • अपना काम बिगड़ जाता है। • खान-पान सम्मान मिलता है।
उत्तर
सही उत्तर है — अपना काम बिगड़ जाता है। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।
कुंडलिया की पंक्ति —
“बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।
काम बिगारे आपनो जग में होत हँसाय॥”
“बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।
काम बिगारे आपनो जग में होत हँसाय॥”
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| दूसरों से प्रशंसा मिलती है। | ग़लत | कवि कहता है कि ऐसा व्यक्ति “जग में होत हँसाय” — प्रशंसा नहीं, हँसी मिलती है। |
| मन में शांति बनी रहती है। | ग़लत | पंक्ति ठीक उलटा कहती है — “चित्त में चैन न पावै”। |
| अपना काम बिगड़ जाता है। | सही ★ | “काम बिगारे आपनो” — यही बात सीधे-सीधे कुंडलिया में कही गई है। |
| खान-पान सम्मान मिलता है। | ग़लत | “खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै” — मिलने पर भी वह उसे अच्छा नहीं लगता। |
क्यों: पहली कुंडलिया बिना सोचे किए काम के तीन परिणाम गिनाती है — पछतावा, अपना काम बिगड़ना और दुनिया में हँसी। दिए गए चार विकल्पों में से इनमें से केवल एक ही आया है, इसलिए यहाँ एक ही उत्तर सही है।