यह अपने अनुभव से लिखने का प्रश्न है। उत्तर में प्रकृति, लोगों के काम और जीवन-शैली — तीनों तरह के परिवर्तन आने चाहिए।
| किसमें परिवर्तन | क्या-क्या बदलता है |
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| प्रकृति में | सूखी ज़मीन पर घास उग आती है; पेड़ धुलकर चमकने लगते हैं; तालाब और नाले भर जाते हैं; कीड़े-मकोड़े, केंचुए और मेंढक निकल आते हैं; मोर, पपीहा और कोयल की आवाज़ें बढ़ जाती हैं। |
| खेती में | खेत जोते जाते हैं; धान की रोपाई शुरू होती है; बैल-ट्रैक्टर दिन भर चलते हैं; किसान सबसे व्यस्त हो जाता है। |
| रास्तों और घरों में | कच्ची सड़कें कीचड़ हो जाती हैं; गड्ढों में पानी भर जाता है; छत टपकने लगती है; कपड़े सूखने में दो-दो दिन लगते हैं। |
| बाज़ार और खान-पान में | भुट्टे, पकौड़े और गरम चाय की दुकानें बढ़ जाती हैं; आम और जामुन आते हैं; हरी सब्जियाँ सस्ती हो जाती हैं। |
| जीवन में | छाता-बरसाती निकल आती है; बच्चे कागज़ की नाव चलाते हैं; तीज-हरियाली जैसे त्योहार मनाए जाते हैं; मच्छर बढ़ने से बीमारियों का डर भी रहता है। |
नमूना उत्तर: “हमारे गाँव में वर्षा आते ही सबसे पहला बदलाव आवाज़ का होता है। जो मैदान गरमी में सूना पड़ा रहता था, वहाँ रात भर मेंढक टर्र-टर्र करते हैं। पीछे वाला ताल, जो जून तक सूखा था, दो ही दिन में लबालब भर जाता है। कच्चा रास्ता कीचड़ हो जाता है, इसलिए हम स्कूल घूमकर पक्की सड़क से जाते हैं। खेतों में रोपाई शुरू हो जाती है और शाम को औरतें गीत गाती हुई लौटती हैं। नीम और पीपल के पत्ते धुलकर इतने चमकते हैं जैसे किसी ने रगड़कर साफ़ कर दिए हों।”