मल्हार अध्याय 7 ऋतु और शब्द

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“फिरते लखो पपीहे, हैं ग्रीष्म ताप खोते” — ‘ताप’ शब्द ग्रीष्म ऋतु से जुड़ा शब्द है। भारत में मुख्य रूप से छह ऋतुएँ क्रम से आती-जाती हैं। लोग इन ऋतुओं में कुछ विशेष शब्दों का उपयोग करते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़कर कौन-सी ऋतु का स्मरण होता है? इन शब्दों को तालिका में उपयुक्त स्थान पर लिखिए— धूप, लू, बयार, हिमपात, वृष्टि, पाला, ताप, जाड़ा, झड़ी, ठिठुरन, धुंध, कोहरा, आँधी, उमस, हरियाली, बहार, तपन, जेठ, सावन, रिमझिम, शीतलता, ओस, ठंडक, बादल फटना, कड़ाके की ठंड
उत्तर

पच्चीसों शब्दों को छह ऋतुओं में इस तरह बाँटा जा सकता है —

ऋतुशब्दक्यों
वसंत ऋतु
(सामान्यत: मार्च–अप्रैल)
बयार, बहार, हरियाली‘बयार’ = मंद-शीतल हवा; ‘बहार’ = फूलों का खिलना; ‘हरियाली’ = नए पत्तों का आना। यह ऋतु न गरम है, न ठंडी — सबसे सुहानी।
ग्रीष्म ऋतु
(सामान्यत: मई–जून)
धूप, लू, ताप, तपन, जेठ, आँधी‘लू’ = गरम हवा; ‘जेठ’ = सबसे गरम हिंदी महीना; ‘आँधी’ = गरमी के दिनों में उठने वाला धूल भरा तूफ़ान।
वर्षा ऋतु
(सामान्यत: जुलाई–अगस्त)
वृष्टि, झड़ी, सावन, रिमझिम, बादल फटना, उमस‘झड़ी’ = लगातार कई दिन की बारिश; ‘सावन’ = वर्षा का महीना; ‘उमस’ = बारिश के बीच की चिपचिपी गरमी।
शरद ऋतु
(सामान्यत: सितंबर–अक्तूबर)
ओस, शीतलता, ठंडकवर्षा जाते ही आकाश साफ़ हो जाता है, रातें ठंडी होने लगती हैं और सुबह घास पर ओस दिखने लगती है।
हेमंत ऋतु
(सामान्यत: नवंबर–दिसंबर)
धुंध, कोहरा, जाड़ासर्दी शुरू होने का समय — सुबह-शाम कोहरा और धुंध छाने लगती है।
शिशिर ऋतु
(सामान्यत: जनवरी–फरवरी)
पाला, हिमपात, ठिठुरन, कड़ाके की ठंडसबसे तीखी सर्दी — ‘पाला’ = रात में जमने वाली बर्फ़ जैसी ओस; ‘हिमपात’ = बर्फ़ गिरना; ‘ठिठुरन’ = ठंड से काँपना।
कुछ शब्द एक से अधिक जगह जँच सकते हैं: ‘धूप’ ग्रीष्म की भी है और शिशिर की सुहानी धूप भी; ‘हरियाली’ वसंत में भी और वर्षा के बाद भी; ‘उमस’ ग्रीष्म के अंत में भी होती है; ‘ठंडक’ शरद, हेमंत — दोनों में। ऐसे शब्दों को जहाँ भी रखें, कारण बता पाना ज़रूरी है।
ऋतुओं का क्रम याद रखिए: वसंत → ग्रीष्म → वर्षा → शरद → हेमंत → शिशिर → (फिर वसंत)। दो-दो महीने की छह ऋतुएँ मिलकर बारह महीने का एक वर्ष बनाती हैं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ