प्र1.
“बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब” — इस पंक्ति में ‘सुंदर’ शब्द ‘गीत’ की विशेषता बता रहा है अर्थात यह ‘विशेषण’ है। ‘गीत’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है, अर्थात यह ‘विशेष्य’ शब्द है। (क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए— 1. नभ में छटा अनूठी, घनघोर छा रही है (विशेषण — अनूठी, विशेष्य — छटा) 2. चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर 3. मेंढक लुभा रहे हैं, गाकर सुगीत प्यारे 4. चलती हवा है ठंडी, हिलती हैं डालियाँ सब
उत्तर
पूरी तालिका इस प्रकार भरी जाएगी —
| पंक्ति | विशेषण | विशेष्य |
|---|---|---|
| 1. नभ में छटा अनूठी, घनघोर छा रही है | अनूठी | छटा |
| 2. चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर | सुंदर | कतार |
| 3. मेंढक लुभा रहे हैं, गाकर सुगीत प्यारे | प्यारे | सुगीत |
| 4. चलती हवा है ठंडी, हिलती हैं डालियाँ सब | ठंडी | हवा |
पहचानने का आसान तरीका: संज्ञा से पूछिए — “कैसी?” / “कैसा?” / “कैसे?” जो उत्तर मिले, वही विशेषण है और जिससे पूछा, वही विशेष्य है।
छटा कैसी? — अनूठी । कतार कैसी? — सुंदर । सुगीत कैसे? — प्यारे । हवा कैसी? — ठंडी ।
छटा कैसी? — अनूठी । कतार कैसी? — सुंदर । सुगीत कैसे? — प्यारे । हवा कैसी? — ठंडी ।
ध्यान दीजिए: इस कविता में विशेषण प्राय: विशेष्य के बाद आया है — ‘छटा अनूठी’, ‘कतार सुंदर’। साधारण गद्य में हम ‘अनूठी छटा’, ‘सुंदर कतार’ कहते हैं। कवि ने तुक मिलाने के लिए क्रम बदल दिया है।
पंक्ति 1 में ‘घनघोर’ और पंक्ति 4 में ‘सब’ भी विशेषण-जैसे शब्द हैं — ‘घनघोर’ (कैसे बादल) और ‘सब’ (कितनी डालियाँ, यानी संख्यावाचक विशेषण)। इन्हें भी लिख सकते हैं, पर तालिका में एक-एक जोड़ी अपेक्षित है।
पंक्ति 1 में ‘घनघोर’ और पंक्ति 4 में ‘सब’ भी विशेषण-जैसे शब्द हैं — ‘घनघोर’ (कैसे बादल) और ‘सब’ (कितनी डालियाँ, यानी संख्यावाचक विशेषण)। इन्हें भी लिख सकते हैं, पर तालिका में एक-एक जोड़ी अपेक्षित है।