मल्हार अध्याय 7 साक्षात्कार

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहर।” मान लीजिए कि आप अपने विद्यालय की पत्रिका के पत्रकार हैं। आप एक किसान का साक्षात्कार कर रहे हैं जो वर्षा के आने पर अपने खेतों में गीत गा रहा है। (क) अपने समूह के साथ मिलकर उस किसान के साक्षात्कार के लिए कुछ प्रश्न लिखिए। (संकेत — आपका क्या नाम है? आप क्या काम करते हैं? आप काम करते समय गीत क्यों गाते हैं? आदि)
उत्तर

साक्षात्कार के प्रश्न तीन तरह के होने चाहिए — परिचय के, काम के और भाव के। सबसे अच्छे प्रश्न वे होते हैं जिनका उत्तर ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में न दिया जा सके।

वर्गप्रश्न
परिचय1. आपका नाम क्या है और आप किस गाँव से हैं?
2. आप कितने वर्षों से खेती कर रहे हैं?
3. आपके खेत में कौन-कौन सी फ़सलें होती हैं?
काम और वर्षा4. वर्षा आने से पहले आप खेत में क्या-क्या तैयारी करते हैं?
5. पहली बारिश के बाद सबसे पहला काम कौन-सा करते हैं?
6. यदि किसी साल वर्षा देर से आए तो आप क्या करते हैं?
7. आज खेती में कौन-कौन सी नई चीज़ें आ गई हैं जो पहले नहीं थीं?
गीत और भाव8. आप काम करते समय गीत क्यों गाते हैं?
9. यह गीत आपने किससे सीखा — पिताजी से, दादी से या साथी किसानों से?
10. इस गीत के बोल क्या हैं? क्या आप हमें एक कड़ी सुना सकते हैं?
11. गीत गाने से काम में क्या फ़र्क पड़ता है?
12. वर्षा की पहली बूँद खेत पर पड़ते ही आपके मन में क्या आता है?
आगे की बात13. आप चाहते हैं कि आपके बच्चे भी खेती करें? क्यों?
14. हम शहर और स्कूल के बच्चे किसानों के लिए क्या कर सकते हैं?
साक्षात्कार लेने के नियम: पहले अपना परिचय दीजिए और अनुमति लीजिए; एक बार में एक ही प्रश्न पूछिए; उत्तर बीच में मत काटिए; उत्तर सुनकर उससे निकलने वाला अगला प्रश्न पूछिए; अंत में धन्यवाद कहिए।
प्र2.
(ख) अपने समूह के साथ मिलकर इस साक्षात्कार को अभिनय द्वारा प्रस्तुत कीजिए। आपके समूह का कोई सदस्य किसान की भूमिका निभा सकता है। अन्य सदस्य पत्रकारों की भूमिका निभा सकते हैं।
उत्तर

यह कक्षा में करने की गतिविधि है। तैयारी इस तरह कीजिए —

  • भूमिकाएँ बाँटिए: एक किसान, दो-तीन पत्रकार, एक ‘कैमरा/माइक’ पकड़ने वाला और एक जो संवाद लिखता जाए (रिपोर्टर)।
  • सामग्री: गमछा या पगड़ी (किसान के लिए), कागज़ की कॉपी और पेन (पत्रकार के लिए), खेत दिखाने के लिए पीछे बना हुआ चार्ट।
  • क्रम: स्वागत → परिचय → प्रश्न → किसान का एक गीत → धन्यवाद।

नमूना संवाद:

पत्रकार: नमस्ते चाचा! हम विद्यालय की पत्रिका के लिए बात करना चाहते हैं। क्या दो मिनट मिलेंगे?
किसान: आइए-आइए बिटिया, बैठिए। मेड़ पर बैठ जाइए, पर सँभलकर — गीली है।
पत्रकार: आपका नाम और आपका गाँव?
किसान: रामदीन, गाँव बरगदही। तीस बरस से यही खेत जोत रहा हूँ, जैसे मेरे बाबूजी जोतते थे।
पत्रकार: अभी आप गा रहे थे। काम करते समय गीत क्यों गाते हैं?
किसान: (हँसकर) रोपाई में कमर दुखती है, बिटिया। गीत गाओ तो पता ही नहीं चलता कि कब आधा खेत हो गया। और फिर, आज पानी आया है — आज न गाएँ तो कब गाएँ?
पत्रकार: यह गीत आपने किससे सीखा?
किसान: अपनी अम्मा से। वे सावन में यही गातीं थीं। अब मेरी बहू गाती है।
पत्रकार: पहली बूँद खेत पर पड़ती है तो मन में क्या आता है?
किसान: लगता है कोई बहुत दिनों बाद घर लौटा हो। जून भर आसमान देखते-देखते आँखें थक जाती हैं। बूँद गिरी नहीं कि सारी थकान उतर जाती है।
पत्रकार: बहुत-बहुत धन्यवाद चाचा। एक कड़ी सुना दीजिए, हम अपनी पत्रिका में छापेंगे।
किसान: (गाते हुए) “बरसे बदरिया सावन की, सावन की मन-भावन की…”
प्रस्तुति की सलाह: संवाद रटिए मत। प्रश्न याद रखिए और उत्तर अपनी भाषा में दीजिए — तभी अभिनय सच्चा लगेगा। किसान की भाषा में गाँव के अपने शब्द रखिए, इससे पात्र जीवंत हो जाएगा।
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