प्र1.
(क) वर्षा के उन दृश्यों की सूची बनाइए जिनका उल्लेख इस कविता में नहीं किया गया है। जैसे आकाश में इंद्रधनुष।
उत्तर
पहले देख लीजिए कि कविता में क्या-क्या है — बादल, बिजली, गरज, पानी, झरने, ठंडी हवा, डालियाँ, मालिनें, ताल, जलचर, पपीहे, मोर, मेंढक, गुलाब, हंस, किसान। अब इनके अलावा के दृश्य —
| वर्ग | कविता में न आए दृश्य |
|---|---|
| आकाश में | इंद्रधनुष; बारिश के बाद निकलती धूप; बादलों के पीछे से झाँकता सूरज; ओलों का गिरना; कुहरे जैसी झीनी फुहार। |
| धरती पर | भीगी मिट्टी की सोंधी महक; कीचड़ और भरे हुए गड्ढे; नदी में उफान और बाढ़; खेत की मेड़ पर बहता पानी; उगते हुए नए अंकुर; ज़मीन से निकलते केंचुए। |
| जीव-जंतु | छाया ढूँढ़ते कुत्ते-बिल्ली; बिल छोड़कर भागती चींटियाँ; पत्ते पर बैठी लाल मखमली बीरबहूटी; भीगकर सिकुड़ी चिड़िया; बरसात में उड़ते जुगनू; मक्खी-मच्छर का बढ़ना। |
| मनुष्य | छाता और बरसाती लिए चलते लोग; कागज़ की नाव चलाते बच्चे; भुट्टे और पकौड़े की दुकानें; टपकती छत पर तिरपाल डालते लोग; रुके हुए वाहन और बंद रास्ते; तीज-हरियाली जैसे त्योहार और झूले। |
कवि ने ये क्यों छोड़ दिए: ‘वर्षा-बहार’ का उद्देश्य वर्षा का उत्सव दिखाना है। इसलिए कवि ने कीचड़, बाढ़, मच्छर और रुके हुए काम — ये असुविधा वाले दृश्य जान-बूझकर नहीं लिए। कविता में केवल वही रखा गया जो सुंदर और आनंददायक है।