मल्हार अध्याय 7 मेरी समझ से

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) इस कविता में वर्षा ऋतु का कौन-सा भाव मुख्य रूप से उभर कर आता है? • दुख और निराशा • आनंद और प्रसन्नता • भय और चिंता • क्रोध और विरोध
उत्तर

सटीक उत्तर है — आनंद और प्रसन्नता। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।

विकल्पसही / ग़लतकारण
दुख और निराशाग़लतकविता में कहीं भी दुख का एक भी दृश्य नहीं है — न बाढ़, न फ़सल की हानि, न किसी की परेशानी।
आनंद और प्रसन्नतासही ★पूरी कविता खुशी के शब्दों से भरी है — “मन को लुभा रही है”, “अति हैं प्रसन्न होते”, “करते हैं नृत्य”, “गाकर सुगीत प्यारे”, “खूब सुख से, आमोद छा रहा है”
भय और चिंताग़लतबिजली और गरजते बादल डराने के लिए नहीं, वर्षा के आगमन की सूचना देने के लिए आए हैं।
क्रोध और विरोधग़लतकविता में किसी का किसी से कोई विरोध है ही नहीं।
क्यों: ‘बहार’ शब्द का अर्थ ही है वसंत जैसा सुहावना समय। कवि ने वर्षा को ‘बहार’ कहकर शीर्षक में ही अपना भाव बता दिया है — यह ऋतु आनंद की ऋतु है।
प्र2.
(2) “नभ में छटा अनूठी” और “घनघोर छा रही है” पंक्तियों का उपयोग वर्षा ऋतु के किस दृश्य को व्यक्त करने के लिए किया गया है? • बादलों के घिरने का दृश्य • बिजली के गिरने का दृश्य • ठंडी हवा के बहने का दृश्य • आमोद छा जाने का दृश्य
उत्तर

सटीक उत्तर है — बादलों के घिरने का दृश्य। इसके सामने तारा (★) बनाइए।

‘नभ’ = आकाश
‘छटा अनूठी’ = अनोखी शोभा
‘घनघोर’ = घने-गहरे बादल
अर्थ — आकाश में गहरे बादल छा गए हैं और वह दृश्य अनोखा लग रहा है।
क्यों बाकी विकल्प नहीं: बिजली और ठंडी हवा की बात कविता में आगे की पंक्तियों में आती है — “बिजली चमक रही है” और “चलती हवा है ठंडी”। ‘आमोद’ का दृश्य तो बहुत बाद में, बागों वाले पद में आता है। ये दोनों पंक्तियाँ केवल आकाश का चित्र खींचती हैं।
ध्यान दीजिए: ‘घनघोर’ में ‘घन’ का अर्थ ही बादल है। इसलिए यह शब्द बादलों के लिए ही सबसे उपयुक्त है।
प्र3.
(3) कविता में वर्षा को ‘अनोखी बहार’ कहा गया है क्योंकि— • कवि वर्षा को विशेष ऋतु मानता है। • वर्षा में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैं। • वर्षा सबके लिए सुख और संतोष लाती है। • वर्षा एक अद्भुत अनोखी प्राकृतिक घटना है।
उत्तर

इस प्रश्न के एक से अधिक उत्तर सही हैं। सबसे मज़बूत उत्तर है — वर्षा सबके लिए सुख और संतोष लाती है। इसके साथ कवि वर्षा को विशेष ऋतु मानता है और वर्षा में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैं — इन पर भी तारा (★) बनाया जा सकता है।

विकल्पनिर्णयकविता से प्रमाण
कवि वर्षा को विशेष ऋतु मानता हैसही ★वर्षा को ‘बहार’ (वसंत) कह देना ही उसे विशेष मानना है — “इस भाँति है अनोखी, वर्षा बहार भू पर”।
वर्षा में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैंसही ★मोर नाचते हैं, मेंढक गाते हैं, पपीहे फिरते हैं, हंस कतार बाँधते हैं, जलचर प्रसन्न होते हैं।
वर्षा सबके लिए सुख और संतोष लाती हैसबसे सही ★पहली ही पंक्ति — “वर्षा-बहार सब के, मन को लुभा रही है”। ‘सब के’ शब्द ही इस विकल्प को सबसे ऊपर रख देता है।
वर्षा एक अद्भुत अनोखी प्राकृतिक घटना हैआंशिक रूप से सहीयह बात सच है, पर यह कविता का भाव नहीं है। कवि वर्षा को ‘घटना’ की तरह नहीं, ‘उत्सव’ की तरह देखता है।
याद रखिए: जब प्रश्न में लिखा हो “एक से अधिक उत्तर हो सकते हैं”, तो हर चुने हुए विकल्प के लिए कविता से एक पंक्ति प्रमाण के रूप में दे सकना ज़रूरी है।
प्र4.
(4) “सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर” इस पंक्ति का क्या अर्थ है? • प्रकृति में सभी जीव-जंतु एक-दूसरे पर निर्भर हैं। • वर्षा पृथ्वी पर हरियाली और जीवन का मुख्य स्रोत है। • बादलों की सुंदरता से ही पृथ्वी की शोभा बढ़ती है। • हमें वर्षा ऋतु से जगत की भलाई की प्रेरणा लेनी चाहिए।
उत्तर

सटीक उत्तर है — वर्षा पृथ्वी पर हरियाली और जीवन का मुख्य स्रोत है। इसके सामने तारा (★) बनाइए।

“इसके ऊपर” में ‘इस’ का अर्थ है — वर्षा
पंक्ति का सीधा अर्थ — संसार की सारी सुंदरता वर्षा पर टिकी हुई है।
क्यों: वर्षा न हो तो नदियाँ-ताल सूख जाएँ, खेत बंजर हो जाएँ, पेड़ मुरझा जाएँ, पशु-पक्षी प्यासे मरें। जिस हरियाली को हम ‘शोभा’ कहते हैं, वह पानी से ही बनती है। इसलिए कवि कह रहा है कि जगत की शोभा का आधार वर्षा है।
दूसरा स्वीकार्य उत्तर: “प्रकृति में सभी जीव-जंतु एक-दूसरे पर निर्भर हैं” — यह भी लिया जा सकता है, क्योंकि पूरी कविता यही दिखाती है कि वर्षा से पौधे, पौधों से पक्षी और खेतों से किसान — सब जुड़े हुए हैं। पर पंक्ति का सीधा अर्थ दूसरा विकल्प ही है।
प्र5.
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर

यह चर्चा की गतिविधि है। चर्चा में हर साथी को केवल यह नहीं बताना है कि उसने क्या चुना, बल्कि यह भी बताना है कि कविता की किस पंक्ति के कारण चुना।

चर्चा का तरीका —

  1. समूह का हर सदस्य बारी-बारी अपना उत्तर बताए।
  2. उत्तर के साथ कविता की एक पंक्ति प्रमाण के रूप में पढ़े।
  3. जहाँ उत्तर अलग-अलग हैं, वहाँ देखा जाए कि किसका प्रमाण अधिक मज़बूत है।
  4. अंत में समूह तय करे कि किस प्रश्न में सचमुच एक से अधिक उत्तर बनते हैं।

नमूना उत्तर: “प्रश्न 3 में मैंने ‘वर्षा सबके लिए सुख और संतोष लाती है’ चुना, क्योंकि कविता की पहली ही पंक्ति में ‘सब के’ शब्द आया है — “वर्षा-बहार सब के, मन को लुभा रही है”। मेरी मित्र ने ‘वर्षा में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैं’ चुना। उसका प्रमाण भी सही है — मोर नाच रहे हैं, मेंढक गा रहे हैं। हम दोनों ने मिलकर तय किया कि दोनों उत्तर सही हैं, क्योंकि जीव-जंतुओं का सक्रिय होना भी उनके सुख का ही चिह्न है।”

सुझाव: चर्चा में किसी का उत्तर ‘ग़लत’ कहकर काटिए मत। पहले पूछिए — “तुम्हें कविता की कौन-सी पंक्ति से ऐसा लगा?” अक्सर उसमें भी एक अच्छा तर्क छिपा मिलेगा।
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