प्र1.
अपने समूह में चर्चा करके ‘वर्षा’ से जुड़े शब्द नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में लिखिए— (पुस्तक में ‘वर्षा’ के साथ जुड़े सात खानों में से एक में ‘उत्साह’ पहले से भरा हुआ है।)
उत्तर
पुस्तक में बीच में वर्षा लिखा है और उससे सात खाने जुड़े हैं; उनमें से एक में उत्साह पहले से भरा है। बाकी छह खानों में ‘वर्षा’ सुनते ही मन में आने वाले शब्द भरने हैं।
नमूना उत्तर (कोई छह चुन लीजिए):
| शब्द | वर्षा से उसका जोड़ |
|---|---|
| उत्साह | (पुस्तक में दिया हुआ) पहली बूँद पड़ते ही मन में जो जोश भर जाता है। |
| हरियाली | वर्षा के बाद सूखी ज़मीन हरी घास से ढँक जाती है। |
| रिमझिम | धीरे-धीरे पड़ती बूँदों की आवाज़। |
| सोंधी महक | पहली वर्षा में भीगी मिट्टी से उठने वाली गंध। |
| इंद्रधनुष | वर्षा रुकने पर आकाश में बनने वाली सात रंगों की कमान। |
| किसान / फ़सल | वर्षा से ही बुवाई होती है और अनाज मिलता है। |
| मोर / पपीहा / मेंढक | वर्षा आते ही सक्रिय हो उठने वाले जीव। |
| कागज़ की नाव | बच्चों का वर्षा से जुड़ा सबसे प्रिय खेल। |
| छाता / बरसाती | वर्षा में भीगने से बचने की चीज़ें। |
| सावन / मल्हार | वर्षा का महीना और वर्षा का राग। |
यह गतिविधि क्यों: ‘उत्साह’ कोई वस्तु नहीं, एक भाव है। पुस्तक ने यही उदाहरण देकर संकेत दिया है कि आप केवल वस्तुओं के नाम (छाता, बादल) न लिखें, भाव और अनुभव के शब्द भी लिखें — जैसे उमंग, ताज़गी, राहत, बचपन।
Try This: अपने समूह के सब शब्द एक जगह लिखकर उन्हें तीन ढेरियों में बाँटिए — दिखने वाले (बादल, इंद्रधनुष), सुनाई देने वाले (गरज, टर्र-टर्र, रिमझिम) और महसूस होने वाले (ठंडक, उत्साह, सोंधी महक)। शब्दों की यह छँटाई अगली बार कविता लिखने में बहुत काम आएगी।