प्र1.
एक विद्यार्थी ने अपनी डायरी में अपने विद्यालय के किसी एक दिन का उल्लेख किया है। उस उल्लेख में संगीत की कुछ तालों के नाम आए हैं। आप उन तालों के नाम ढूँढ़िए— “कल हमारे विद्यालय में संगीत और नृत्य सभा का आयोजन हुआ था। उसमें एक-दो नहीं बल्कि चार कलाकार आए थे। उन कलाकारों में एक का नाम रूपक और दूसरे का नाम लक्ष्मी था। शेष दो कलाकारों के नाम पता नहीं चल पाए। वे दोनों जब अपनी प्रस्तुति के लिए मंच पर आए तो दर्शकों से पूछने लगे— ‘तिलवाड़ा, दादरा या झूमरा?’ दर्शक बोले— ‘तीनों में से कोई नहीं। हमें दीपचंदी और कहरवा पसंद है।’ दर्शकों की यह बात सुनते ही कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति प्रारंभ कर दी।”
उत्तर
डायरी के इस छोटे-से अंश में सात तालों के नाम छिपे हैं —
| क्रम | ताल का नाम | डायरी में कहाँ छिपा है | मात्राएँ |
|---|---|---|---|
| 1 | रूपक | “एक का नाम रूपक” — कलाकार के नाम के रूप में | 7 |
| 2 | लक्ष्मी (ताल) | “दूसरे का नाम लक्ष्मी था” | 18 |
| 3 | तिलवाड़ा | “तिलवाड़ा, दादरा या झूमरा?” | 16 |
| 4 | दादरा | वही वाक्य | 6 |
| 5 | झूमरा | वही वाक्य | 14 |
| 6 | दीपचंदी | “हमें दीपचंदी और कहरवा पसंद है।” | 14 |
| 7 | कहरवा | वही वाक्य | 8 |
पहेली की चालाकी: ‘रूपक’ और ‘लक्ष्मी’ को कलाकारों के नाम बनाकर छिपाया गया है, इसलिए पढ़ते समय वे ताल जैसे लगते ही नहीं। बाकी पाँच नाम बातचीत के भीतर सीधे रख दिए गए हैं। यही इस पहेली का मज़ा है — नाम सामने रखे हैं, पर वेश बदलकर।
याद रखने योग्य: पाठ में समझाया गया है कि मात्रा संगीत के समय को मापने की सबसे छोटी इकाई है और ताल कई मात्राओं का संयुक्त रूप — “जिस तरह घंटे में मिनट और मिनट में सेकेंड होते हैं, उसी तरह ताल में मात्रा होती है।” इसीलिए हर ताल की अपनी मात्रा-संख्या होती है, जैसे दादरा में 6 और कहरवा में 8।