प्र1.
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) बिरजू महाराज ने गंडा बाँधने की परंपरा में परिवर्तन क्यों किया होगा? • वे गुरु के प्रति शिष्य के निष्ठा भाव को परखना चाहते थे। • वे नृत्य शिक्षण के लिए इस परंपरा को महत्वपूर्ण नहीं मानते थे। • वे नृत्य के प्रति शिष्य के लगन व समर्पण भाव को जाँचना चाहते थे। • वे शिष्य की भेंट देने की सामर्थ्य को परखना चाहते थे।
उत्तर
सही उत्तर (★ लगाइए):
| विकल्प | सही / गलत | कारण |
|---|---|---|
| वे गुरु के प्रति शिष्य के निष्ठा भाव को परखना चाहते थे। | ★ सही | गंडा गुरु और शिष्य के बीच का पवित्र रिश्ता है। वर्षों सिखाने के बाद ही गंडा बाँधने का अर्थ है — पहले शिष्य की निष्ठा देख लेना। |
| वे नृत्य शिक्षण के लिए इस परंपरा को महत्वपूर्ण नहीं मानते थे। | गलत | वे परंपरा को महत्वपूर्ण मानते थे, तभी तो उसे छोड़ा नहीं — केवल उसका क्रम बदला। |
| वे नृत्य के प्रति शिष्य के लगन व समर्पण भाव को जाँचना चाहते थे। | ★ सही | यह उत्तर पाठ में शब्दशः है — “जब देखता हूँ कि शिष्य में सच्ची लगन है तभी गंडा बाँधता हूँ।” |
| वे शिष्य की भेंट देने की सामर्थ्य को परखना चाहते थे। | गलत | भेंट की बात उनके अपने बचपन से जुड़ी है (अम्मा ने दो कार्यक्रमों की कमाई भेंट में दी थी)। वे स्वयं भेंट को कसौटी नहीं बनाते। |
क्यों: पुरानी रस्म में गुरु तालीम के आरंभ में गंडा बाँधते थे। बिरजू महाराज ने इसे उल्टा कर दिया — गंडा अब सीखने की शुरुआत का नहीं, शिष्य की परख का प्रमाण-पत्र बन गया।
ध्यान दें: प्रश्न में ही कहा गया है कि एक से अधिक उत्तर हो सकते हैं — इसलिए यहाँ पहला और तीसरा, दोनों विकल्प चुनना सही है। इनमें भी तीसरा विकल्प पाठ से सीधे प्रमाणित होता है।