प्र1.
अभी आपने शास्त्रीय नृत्यों को निकटता से जाना समझा। पाँच-पाँच विद्यार्थियों के समूह में भारत के लोक नृत्यों की सूची बनाइए और उनकी विशिष्टताओं का पता लगाइए।
उत्तर
समूह में काम बाँट लीजिए — हर सदस्य दो-तीन राज्यों की जिम्मेदारी ले, फिर सब मिलाकर एक साझी सूची बनाइए।
| लोक नृत्य | राज्य | विशिष्टता / अवसर |
|---|---|---|
| भांगड़ा और गिद्दा | पंजाब | बैसाखी और फसल कटाई पर; ढोल की तेज थाप, ऊँची उछाल; गिद्दा स्त्रियों का, बोलियों के साथ। |
| गरबा और डांडिया रास | गुजरात | नवरात्र में; गोल घेरे में ताली और डंडों की ताल। |
| घूमर | राजस्थान | घेरदार घाघरा घुमाते हुए गोलाकार नृत्य; विवाह और त्योहारों पर। |
| बिहू | असम | बोहाग बिहू (नववर्ष) पर; ढोल, पेपा (भैंस के सींग की बाँसुरी) के साथ तेज गति। |
| लावणी | महाराष्ट्र | ढोलकी की थाप पर; कथा-प्रधान, तेज लय और भावपूर्ण अभिनय। |
| छऊ | झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल | मुखौटा नृत्य; युद्ध-कौशल और पौराणिक कथाओं का मंचन; यूनेस्को की सूची में शामिल। |
| राउत नाचा / पंथी | छत्तीसगढ़ | देवउठनी एकादशी और गुरु घासीदास जयंती पर; तेज गति और मानव-मीनार। |
| कालबेलिया | राजस्थान | कालबेलिया समुदाय की स्त्रियों का साँप जैसी लचक वाला नृत्य; बीन और खंजरी की संगत। |
| डोल्लू कुनिता | कर्नाटक | बड़े ढोल गले में बाँधकर बजाते हुए सामूहिक नृत्य। |
| पडयनी / तिरुवातिरकली | केरल | मंदिर उत्सवों पर; तिरुवातिरकली स्त्रियों का वृत्ताकार नृत्य। |
| नाटी | हिमाचल प्रदेश | कुल्लू दशहरा पर; लंबी पंक्ति में धीमी, संयत गति। |
| चरकुला | उत्तर प्रदेश (ब्रज) | सिर पर जलते दीयों का बड़ा रथनुमा चक्र रखकर नृत्य; होली और जन्माष्टमी पर। |
| झिझिया | बिहार | सिर पर छिद्रयुक्त घड़े में दीपक रखकर; दशहरे के आसपास। |
| चेराव (बाँस नृत्य) | मिज़ोरम | ज़मीन पर बाँस टकराते हैं और नर्तकियाँ बीच में पैर रखकर नाचती हैं। |
विशिष्टता खोजने के चार सवाल: (1) यह नृत्य किस अवसर पर होता है? (2) कौन करता है — स्त्री, पुरुष या दोनों? (3) कौन-से वाद्य साथ बजते हैं? (4) वेशभूषा में क्या खास है? इन चार सवालों के उत्तर लिख लेने से हर नृत्य की पहचान अपने-आप बन जाती है।