मल्हार अध्याय 8 साझी समझ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अभी आपने शास्त्रीय नृत्यों को निकटता से जाना समझा। पाँच-पाँच विद्यार्थियों के समूह में भारत के लोक नृत्यों की सूची बनाइए और उनकी विशिष्टताओं का पता लगाइए।
उत्तर

समूह में काम बाँट लीजिए — हर सदस्य दो-तीन राज्यों की जिम्मेदारी ले, फिर सब मिलाकर एक साझी सूची बनाइए।

लोक नृत्यराज्यविशिष्टता / अवसर
भांगड़ा और गिद्दापंजाबबैसाखी और फसल कटाई पर; ढोल की तेज थाप, ऊँची उछाल; गिद्दा स्त्रियों का, बोलियों के साथ।
गरबा और डांडिया रासगुजरातनवरात्र में; गोल घेरे में ताली और डंडों की ताल।
घूमरराजस्थानघेरदार घाघरा घुमाते हुए गोलाकार नृत्य; विवाह और त्योहारों पर।
बिहूअसमबोहाग बिहू (नववर्ष) पर; ढोल, पेपा (भैंस के सींग की बाँसुरी) के साथ तेज गति।
लावणीमहाराष्ट्रढोलकी की थाप पर; कथा-प्रधान, तेज लय और भावपूर्ण अभिनय।
छऊझारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगालमुखौटा नृत्य; युद्ध-कौशल और पौराणिक कथाओं का मंचन; यूनेस्को की सूची में शामिल।
राउत नाचा / पंथीछत्तीसगढ़देवउठनी एकादशी और गुरु घासीदास जयंती पर; तेज गति और मानव-मीनार।
कालबेलियाराजस्थानकालबेलिया समुदाय की स्त्रियों का साँप जैसी लचक वाला नृत्य; बीन और खंजरी की संगत।
डोल्लू कुनिताकर्नाटकबड़े ढोल गले में बाँधकर बजाते हुए सामूहिक नृत्य।
पडयनी / तिरुवातिरकलीकेरलमंदिर उत्सवों पर; तिरुवातिरकली स्त्रियों का वृत्ताकार नृत्य।
नाटीहिमाचल प्रदेशकुल्लू दशहरा पर; लंबी पंक्ति में धीमी, संयत गति।
चरकुलाउत्तर प्रदेश (ब्रज)सिर पर जलते दीयों का बड़ा रथनुमा चक्र रखकर नृत्य; होली और जन्माष्टमी पर।
झिझियाबिहारसिर पर छिद्रयुक्त घड़े में दीपक रखकर; दशहरे के आसपास।
चेराव (बाँस नृत्य)मिज़ोरमज़मीन पर बाँस टकराते हैं और नर्तकियाँ बीच में पैर रखकर नाचती हैं।
विशिष्टता खोजने के चार सवाल: (1) यह नृत्य किस अवसर पर होता है? (2) कौन करता है — स्त्री, पुरुष या दोनों? (3) कौन-से वाद्य साथ बजते हैं? (4) वेशभूषा में क्या खास है? इन चार सवालों के उत्तर लिख लेने से हर नृत्य की पहचान अपने-आप बन जाती है।
प्र2.
नीचे दिए गए भारत के मानचित्र में राज्यानुसार शास्त्रीय एवं लोक नृत्य दर्शाइए।
उत्तर

पुस्तक में दिया गया मानचित्र खाली रूपरेखा (outline map) है — उसमें आपको स्वयं नाम भरने हैं। यह विधि अपनाइए:

  1. दो रंग तय कीजिए — जैसे नीला = शास्त्रीय नृत्य, हरा = लोक नृत्य। मानचित्र के नीचे एक छोटी सूची (Legend) बनाइए जिसमें दोनों रंगों का अर्थ लिखा हो।
  2. पहले शास्त्रीय नृत्य भरिए — ये गिनती में कम हैं और राज्य निश्चित हैं।
  3. फिर हर राज्य में एक-दो लोक नृत्य लिखिए, ताकि मानचित्र भरा-भरा न लगे।
  4. अक्षर छोटे रखिए और नाम राज्य की सीमा के भीतर लिखिए; जगह कम हो तो तीर बनाकर बाहर लिखिए।
राज्यशास्त्रीय नृत्य (नीला)लोक नृत्य (हरा)
तमिलनाडुभरतनाट्यमकरगाट्टम, कुम्मी
केरलकथकली, मोहिनीअट्टमतिरुवातिरकली, पडयनी
आंध्र प्रदेशकुचिपुड़ीवीरनाट्यम
ओडिशाओडिसीछऊ (मयूरभंज), गोटीपुआ
मणिपुरमणिपुरीथांग-टा, लाई हरोबा
असमसत्रीयाबिहू
उत्तर प्रदेशकथक (लखनऊ, बनारस घराना)चरकुला, रासलीला
राजस्थानकथक (जयपुर घराना)घूमर, कालबेलिया
पंजाबभांगड़ा, गिद्दा
गुजरातगरबा, डांडिया रास
महाराष्ट्रलावणी, कोली
छत्तीसगढ़पंथी, राउत नाचा
झारखंडछऊ, पाइका
हिमाचल प्रदेशनाटी
जम्मू-कश्मीररऊफ, कुद
कर्नाटकयक्षगान, डोल्लू कुनिता
पश्चिम बंगालछऊ (पुरुलिया), गंभीरा
मिज़ोरमचेराव
नागालैंडचांग लो
बिहारझिझिया, जट-जटिन
ध्यान दें: पुस्तक का मानचित्र भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India, Scale 1:16M) का है। मानचित्र में नाम भरते समय राज्यों की सीमाएँ बदलिए मत और मानचित्र पर शीर्षक अवश्य लिखिए — जैसे “भारत: राज्यानुसार शास्त्रीय एवं लोक नृत्य”।
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