प्र1.
(क) पाठ में आए हुए कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं, इन्हें ध्यान से पढ़िए— आजीविका, सीमित, प्रशिक्षण, सुंदरता, आधुनिक, पारंपरिक, भारतीय, सामूहिक, शास्त्रीय। आपने इन शब्दों पर ध्यान दिया होगा कि मूल शब्द के आगे या पीछे कोई शब्दांश जोड़कर नया शब्द बना है।
उत्तर
इन नौ शब्दों को खोलकर देखिए — हर शब्द में एक मूल शब्द है और उसके आगे या पीछे जुड़ा एक शब्दांश।
| शब्द | विभाजन | शब्दांश | प्रकार |
|---|---|---|---|
| आजीविका | आ + जीविका | आ | उपसर्ग |
| सीमित | सीमा + इत | इत | प्रत्यय |
| प्रशिक्षण | प्र + शिक्षण | प्र | उपसर्ग |
| सुंदरता | सुंदर + ता | ता | प्रत्यय |
| आधुनिक | अधुना + इक | इक | प्रत्यय |
| पारंपरिक | परंपरा + इक | इक | प्रत्यय |
| भारतीय | भारत + ईय | ईय | प्रत्यय |
| सामूहिक | समूह + इक | इक | प्रत्यय |
| शास्त्रीय | शास्त्र + ईय | ईय | प्रत्यय |
नियम याद रखिए: शब्द के आगे जुड़ने वाला शब्दांश उपसर्ग कहलाता है (अ + दृश्य = अदृश्य, आ + वरण = आवरण, प्र + शिक्षण = प्रशिक्षण) और शब्द के पीछे जुड़ने वाला शब्दांश प्रत्यय (सीमा + इत = सीमित, सुंदर + ता = सुंदरता, भारत + ईय = भारतीय, समूह + इक = सामूहिक)।
ध्यान दीजिए: ‘इक’ और ‘ईय’ प्रत्यय जुड़ते ही मूल शब्द की पहली मात्रा प्राय: बड़ी हो जाती है — समूह → सामूहिक, परंपरा → पारंपरिक, इतिहास → ऐतिहासिक। इसे व्याकरण में ‘वृद्धि’ कहते हैं।