मनुष्य को स्वतंत्रता तो बहुत कुछ करने की है, पर वह स्वतंत्रता वहीं तक है जहाँ तक किसी दूसरे को हानि न पहुँचे। यही स्वतंत्रता और स्वच्छंदता का अंतर है।
| ये करने की स्वतंत्रता है | ये करने की स्वतंत्रता नहीं है |
|---|---|
| अपनी पसंद का काम, खेल और विषय चुनना | किसी को उसकी पसंद से रोकना या उस पर अपनी पसंद थोपना |
| अपने विचार बोलना और लिखना | किसी का अपमान करना, अपशब्द कहना या झूठ फैलाना |
| देश में कहीं भी आना-जाना और बसना | किसी की ज़मीन या घर पर ज़बरदस्ती क़ब्ज़ा करना |
| अपनी पूजा-पद्धति और त्योहार मनाना | दूसरे की आस्था का मज़ाक उड़ाना या उसे बदलने को मजबूर करना |
| ईमानदारी से कमाना और अपनी कमाई ख़र्च करना | दूसरे की कमाई या हक़ छीनना — “नहीं कमाई से औरों की…” |
| पेड़ लगाना, पशु-पक्षियों की देखभाल करना | पेड़ काटना, घोंसले उजाड़ना, पक्षी को पिंजरे में बंद करना |
| सड़क पर वाहन चलाना | बिना हेलमेट, तेज़ रफ़्तार या ग़लत दिशा में चलाना |