प्र1.
(क) जब आप नीचे दिए गए दृश्य देखते हैं तो आपको कैसा महसूस होता है? अपने उत्तर के कारण भी सोचिए और बताइए। आप नीचे दिए गए भावों में से शब्द चुन सकते हैं। आप किसी भी दृश्य के लिए एक से अधिक शब्द भी चुन सकते हैं। [भाव — प्रेम, वीरता, दया, करुणा, क्रोध, हँसी, आनंद, डर, घृणा, आश्चर्य, ममता, शांति, सुख, दुख, ईर्ष्या, गर्व, निराशा, आभार, उत्साह, चिंता, आत्मविश्वास, सहानुभूति, उदासीनता, शंका] दृश्य — 1. आपको कहीं से किसी पक्षी के चहचहाने की आवाज सुनाई देती है। 2. शाम के समय किसी पेड़ पर अनगिनत पक्षी एक साथ चहचहा रहे हैं। 3. कोई गाय अपने बच्चे को दूध पिला रही है। 4. कोई व्यक्ति अपने वाहन की खिड़की से कूड़ा बाहर फेंक देता है। 5. कोई बच्चा किसी व्यर्थ कागज को कूड़ेदान में डाल देता है। 6. कोई व्यक्ति बिना हेलमेट पहने बहुत तेज बाइक चला रहा है। 7. दो प्राणी किसी कारण लड़ रहे हैं। 8. एक व्यक्ति जिसके पैर नहीं हैं, वह विशेष रूप से बनाई गई तिपहिया गाड़ी पर यात्रा कर रहा है। 9. किसी स्थान पर नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए भारती (ब्रेल) लिपि में सूचनाओं के बोर्ड लगे हैं। 10. कोई व्यक्ति किसी को अपशब्द कह रहा है। 11. कोई व्यक्ति किसी जरूरतमंद भूखे को भोजन दे रहा है। 12. कोई लड़का स्वादिष्ट भोजन बनाकर अपनी बहन को खिला रहा है।
उत्तर
यह अनुभव का प्रश्न है, इसलिए भाव आपके अपने होंगे। नीचे दी गई तालिका एक नमूना उत्तर है — भाव के साथ-साथ कारण लिखना सबसे ज़रूरी है, क्योंकि प्रश्न में यही माँगा गया है।
| क्र. | दृश्य | भाव | कारण |
|---|---|---|---|
| 1 | पक्षी के चहचहाने की आवाज़ | आनंद, शांति | यह आवाज़ मन को शांत कर देती है और लगता है कि आस-पास का वातावरण अब भी हरा-भरा और स्वस्थ है। |
| 2 | शाम को पेड़ पर अनगिनत पक्षी | आनंद, उत्साह, आश्चर्य | इतने सारे पक्षियों का एक साथ लौटना कविता की उसी पंक्ति को साकार कर देता है — “सब मिल-जुलकर रहते हैं वे”। |
| 3 | गाय अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई | ममता, प्रेम, करुणा | माँ का वात्सल्य मनुष्य और पशु — दोनों में एक जैसा है; यह दृश्य अपनी माँ की याद दिला देता है। |
| 4 | वाहन की खिड़की से कूड़ा फेंकना | क्रोध, घृणा, चिंता | यह सार्वजनिक जगह को गंदा करना है। उस कूड़े से नाली रुकती है और आवारा पशु प्लास्टिक निगल जाते हैं। |
| 5 | बच्चा कागज़ कूड़ेदान में डालता हुआ | आनंद, गर्व, आभार | छोटा-सा बच्चा भी अपनी ज़िम्मेदारी समझ रहा है — यह देखकर भरोसा जगता है कि सफ़ाई की आदत बन रही है। |
| 6 | बिना हेलमेट तेज़ बाइक चलाना | चिंता, डर, शंका | एक छोटी-सी चूक जान ले सकती है; उसके परिवार का चेहरा आँखों के सामने आ जाता है। |
| 7 | दो प्राणी लड़ रहे हैं | दुख, चिंता, करुणा | लड़ाई में दोनों को चोट लगती है। कविता कहती है — पक्षी तो “हिलमिल” रहते हैं; फिर हम क्यों नहीं? |
| 8 | दिव्यांग व्यक्ति तिपहिया गाड़ी पर यात्रा करता हुआ | आत्मविश्वास, गर्व, प्रेरणा | वह किसी पर निर्भर नहीं है, अपने बल पर आगे बढ़ रहा है। यह दृश्य दया का नहीं, सम्मान का है। |
| 9 | ब्रेल लिपि में सूचना-बोर्ड | सुख, गर्व, आभार | इसका अर्थ है कि समाज ने नेत्रहीन साथियों को भी बराबरी से याद रखा — सच्ची समानता यही है। |
| 10 | कोई किसी को अपशब्द कह रहा है | क्रोध, दुख, घृणा | कड़वे शब्द की चोट चोट से भी गहरी होती है और वर्षों याद रहती है। |
| 11 | ज़रूरतमंद भूखे को भोजन देना | करुणा, दया, प्रेम, सुख | यह ठीक वही भाव है जो कविता में है — “बच जाता जो, औरों के हित, उसे छोड़ वे देते हैं!” |
| 12 | लड़का भोजन बनाकर बहन को खिलाता हुआ | प्रेम, ममता, आनंद | रसोई का काम केवल लड़कियों का नहीं होता — यह दृश्य स्नेह भी दिखाता है और बराबरी भी। |
ध्यान दीजिए: दृश्य 8 पर सबसे अधिक सोचने की ज़रूरत है। दिव्यांग व्यक्ति को देखकर ‘दया’ या ‘सहानुभूति’ लिखना सहज लगता है, पर वह गाड़ी उसकी स्वतंत्रता का साधन है, कमज़ोरी की निशानी नहीं। इसलिए वहाँ ‘आत्मविश्वास’ और ‘गर्व’ अधिक सही भाव हैं।
याद रखिए: कोई भी भाव ‘ग़लत’ नहीं होता, बशर्ते आप उसका कारण बता सकें। शिक्षक भी कारण ही देखेंगे।