प्र1.
आपके क्षेत्र में इसे क्या कहा जाता है?
उत्तर
एक ही विचार का नाम भारत की लगभग हर भाषा में अलग है — और प्रायः एक से अधिक नाम हैं, यह इस पर निर्भर करता है कि वह रोज लगने वाली दुकानों की गली है या किसी नियत दिन लगने वाला बाजार।
| भाषा / क्षेत्र | बाजार के लिए शब्द |
|---|---|
| हिंदी, उर्दू तथा उत्तर भारत | बाजार; नियत दिन लगने वाला बाजार हाट या पैंठ |
| कन्नड़ (कर्नाटक) | मारुकट्टे, संते |
| तमिल (तमिलनाडु) | कडै वीधि, संदै |
| तेलुगु (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना) | बजारु, संत |
| मलयालम (केरल) | चंत, अंगाडी |
| मराठी (महाराष्ट्र) | बाजारपेठ, आठवडी बाजार (साप्ताहिक बाजार) |
| बांग्ला, ओड़िया, असमिया | बाजार, हाट |
| गुजराती | बजार, गुजरी |
| पंजाबी | बाजार, मंडी |
स्वयं जाँचिए: घर पर पूछिए कि सप्ताह में केवल एक दिन लगने वाले बाजार को आपके यहाँ क्या कहते हैं। वह शब्द प्रायः दुकानों की गली वाले शब्द से कहीं अधिक पुराना होता है, क्योंकि नियत दिन लगने वाले बाजार ही बाजार का सबसे पुराना रूप हैं।