प्र1.
मौर्य साम्राज्य के विघटन के पश्चात भारतीय उपमहाद्वीप में कई छोटे-बड़े राज्यों का उदय हुआ।
उत्तर
यही पूरा अध्याय एक पंक्ति में है। पृष्ठ 119 का चित्र 6.2 इसे दिखा देता है — जहाँ एक साम्राज्य था, वहाँ अब नौ शक्तियाँ मानचित्र बाँटे हुए हैं।
| क्षेत्र | राज्य | किससे याद रखें |
|---|---|---|
| उत्तर एवं मध्य भारत | शुंग | लगभग 185 सा.सं.पू. में पुष्यमित्र शुंग द्वारा स्थापित; अश्वमेध यज्ञ; भरहुत की वेदिकाएँ |
| कलिंग (पूर्वी तट) | चेदि | खारवेल, ‘भिक्षु-राजा'; हाथीगुंफा अभिलेख; उदयगिरि-खंडगिरि गुफाएँ |
| दक्कन | सातवाहन | अमरावती और प्रतिष्ठान; जहाज वाले सिक्के; गौतमीपुत्र शातकर्णी; नानेघाट और कार्ले गुफाएँ |
| सुदूर दक्षिण | चोल, चेर, पांड्य | संगम काव्य के तीन ‘मुकुटधारी राजा' : उरैयूर, वंजि (करूर), मदुरै |
| उत्तर-पश्चिम | इंडो-ग्रीक, शक, कुषाण | हेलियोडोरस स्तंभ; शक संवत; कनिष्क और रेशम मार्ग |
इतने राज्य क्यों उभरे : इनमें से अधिकांश नए जन नहीं थे। ये वही अधीनस्थ राज्य थे जो पहले मौर्य अधीनता स्वीकार करते थे। केंद्र के ढहते ही उन्होंने कर देना बंद किया और अपने नाम से शासन करने लगे।