प्र1.
पिछले अध्याय में आपने मौर्य साम्राज्य का मानचित्र देखा (चित्र 5.13)। चित्र 6.2 मौर्योत्तर काल का मानचित्र है। आप उस क्षेत्र में कितने राजवंशों की गणना कर सकते हैं जो पूर्व में मौर्य शासन के अधीन थे?
उत्तर
चित्र 6.2 में कुल नौ शक्तियों के नाम हैं। इनमें से छह उस क्षेत्र में हैं जो पहले मौर्य साम्राज्य के अधीन था।
| क्रम | चित्र 6.2 में नाम | स्थिति | क्या यह क्षेत्र मौर्य था? (चित्र 5.13) |
|---|---|---|---|
| 1 | इंडो-ग्रीक | सुदूर उत्तर-पश्चिम, सिंधु के पार | हाँ — अशोक का साम्राज्य कांधार तक था |
| 2 | कुषाण | उत्तर-पश्चिम तथा ऊपरी गंगा मैदान | हाँ |
| 3 | शक (इंडो-सिथियन) | पश्चिमी भारत / पंजाब का मैदान | हाँ |
| 4 | शुंग | उत्तर एवं मध्य भारत (मौर्य साम्राज्य का हृदय-क्षेत्र) | हाँ — पाटलिपुत्र मौर्य राजधानी थी |
| 5 | सातवाहन | दक्कन | हाँ — प्रतिष्ठान और अमरावती मौर्य मानचित्र पर हैं |
| 6 | चेदि | कलिंग, पूर्वी तट | हाँ — अशोक ने कलिंग जीता था |
| — | चोल, चेर, पांड्य | सुदूर दक्षिण | नहीं — मौर्य मानचित्र इनसे पहले ही रुक जाता है |
अर्थात् — पूर्व मौर्य क्षेत्र में छह राजवंश, और तीन दक्षिणी राज्य जो कभी मौर्य अधीन थे ही नहीं।
ऐसा क्यों : तीनों दक्षिणी राज्य मौर्य साम्राज्य के चरमोत्कर्ष के समय भी स्वतंत्र रहे — अशोक ने स्वयं अपने शिलालेखों में उनका उल्लेख पड़ोसी के रूप में किया है, प्रजा के रूप में नहीं। इसलिए उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्व के वे छह राज्य ही बताते हैं कि मौर्य साम्राज्य कैसे बिखरा : एक साम्राज्य से छह स्पर्धारत राज्य।
संकेत : यदि कोई मानचित्र पर ‘शक' और ‘इंडो-सिथियन' को दो नाम गिन ले, तो ध्यान रखिए कि ये एक ही जन हैं — दूसरा नाम केवल कोष्ठक में दिया गया है।