कक्षा ७ सामाजिक विज्ञान अध्याय 6 आइए पता लगाएँ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पिछले अध्याय में आपने मौर्य साम्राज्य का मानचित्र देखा (चित्र 5.13)। चित्र 6.2 मौर्योत्तर काल का मानचित्र है। आप उस क्षेत्र में कितने राजवंशों की गणना कर सकते हैं जो पूर्व में मौर्य शासन के अधीन थे?
60° पू०60° पू०70° पू०70° पू०80° पू०80° पू०90° पू०90° पू०10° उ०20° उ०30° उ०40° उ०इंडो-ग्रीककुषाणशक(इंडो-सिथियन)शुंगसातवाहनचेदिचोलचेरपांड्यइंडो-ग्रीककुषाणशक(इंडो-सिथियन)शुंगसातवाहनचेदिचोलचेरपांड्यअरबसागरबंगाल कीखाड़ी05001,000 कि.मी.
चित्र 6.2 (पृष्ठ 119) — पुनर्गठन काल के दौरान भारत के प्रमुख राजवंश।
70° पू०80° पू०90° पू०10° उ०20° उ०30° उ०मौर्य साम्राज्य
तुलना के लिए : पिछले अध्याय के मौर्य साम्राज्य का विस्तार (चित्र 5.13, पृष्ठ 100), यहाँ रूपरेखा में पुनः बनाया गया। सीमाएँ अनुमानित हैं।
उत्तर

चित्र 6.2 में कुल नौ शक्तियों के नाम हैं। इनमें से छह उस क्षेत्र में हैं जो पहले मौर्य साम्राज्य के अधीन था।

क्रमचित्र 6.2 में नामस्थितिक्या यह क्षेत्र मौर्य था? (चित्र 5.13)
1इंडो-ग्रीकसुदूर उत्तर-पश्चिम, सिंधु के पारहाँ — अशोक का साम्राज्य कांधार तक था
2कुषाणउत्तर-पश्चिम तथा ऊपरी गंगा मैदानहाँ
3शक (इंडो-सिथियन)पश्चिमी भारत / पंजाब का मैदानहाँ
4शुंगउत्तर एवं मध्य भारत (मौर्य साम्राज्य का हृदय-क्षेत्र)हाँ — पाटलिपुत्र मौर्य राजधानी थी
5सातवाहनदक्कनहाँ — प्रतिष्ठान और अमरावती मौर्य मानचित्र पर हैं
6चेदिकलिंग, पूर्वी तटहाँ — अशोक ने कलिंग जीता था
—चोल, चेर, पांड्यसुदूर दक्षिणनहीं — मौर्य मानचित्र इनसे पहले ही रुक जाता है

अर्थात् — पूर्व मौर्य क्षेत्र में छह राजवंश, और तीन दक्षिणी राज्य जो कभी मौर्य अधीन थे ही नहीं।

ऐसा क्यों : तीनों दक्षिणी राज्य मौर्य साम्राज्य के चरमोत्कर्ष के समय भी स्वतंत्र रहे — अशोक ने स्वयं अपने शिलालेखों में उनका उल्लेख पड़ोसी के रूप में किया है, प्रजा के रूप में नहीं। इसलिए उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्व के वे छह राज्य ही बताते हैं कि मौर्य साम्राज्य कैसे बिखरा : एक साम्राज्य से छह स्पर्धारत राज्य।
संकेत : यदि कोई मानचित्र पर ‘शक' और ‘इंडो-सिथियन' को दो नाम गिन ले, तो ध्यान रखिए कि ये एक ही जन हैं — दूसरा नाम केवल कोष्ठक में दिया गया है।
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