अन्वेषण अध्याय 6 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
एक पृष्ठ पर दूसरी शताब्दी सा.सं.पू. के प्रारंभिक वर्ष से लेकर तीसरी शताब्दी सा.सं. के अंतिम वर्ष तक की अवधि को चिह्नित करते हुए एक समय-रेखा बनाइए। यह अवधि कुल कितने वर्षों को सम्मिलित करती है? जैसे-जैसे हम अध्याय में आगे बढ़ेंगे, समय-रेखा पर प्रमुख व्यक्तियों, राज्यों और घटनाओं को चिह्नित कीजिए।
उत्तर

यह अवधि कुल 500 वर्षों को सम्मिलित करती है।

दूसरी शताब्दी सा.सं.पू. का प्रारंभिक वर्ष = 200 सा.सं.पू.  (सा.सं.पू. के वर्ष उलटे गिने जाते हैं : 200 → 101)
तीसरी शताब्दी सा.सं. का अंतिम वर्ष = 300 सा.सं.  (सा.सं. के वर्ष सीधे गिने जाते हैं : 201 → 300)
सा.सं.पू. के वर्ष : 200  +  सा.सं. के वर्ष : 300  =  500 वर्ष
स्वयं जाँचिए : 300 में से 200 घटाकर 100 मत लिखिए। और ‘शून्य वर्ष' भी मत जोड़िए — कोई वर्ष 0 होता ही नहीं। गणना इस प्रकार चलती है … 2 सा.सं.पू., 1 सा.सं.पू., 1 सा.सं., 2 सा.सं. …

नीचे अध्याय की वही समय-रेखा है जो पुस्तक के चित्र 6.28 (पृष्ठ 142) में दी गई है। अपनी शीट पर यही मापदंड लीजिए — प्रत्येक 25 वर्ष के लिए 1 सेमी — और जैसे-जैसे नाम मिलते जाएँ, उन्हें जोड़ते जाइए।

सा.सं.पू. | सा.सं. 200 पू. 100 पू. 100 200 300 पुष्यमित्र शुंग185 सा.सं.पू. खारवेल गौतमीपुत्रशातकर्णी कनिष्क करिकाल शुंग इंडो-ग्रीक, फिर शक सातवाहन कुषाण → चोल, चेर, पांड्य
अध्याय के 500 वर्ष — 200 सा.सं.पू. से 300 सा.सं. तक। पट्टियाँ अनुमानित हैं; इसी कारण पुस्तक की समय-रेखा में भी कुछ सिरे बिंदुओं से दर्शाए गए हैं।
यह कीजिए : आगे पढ़ते हुए घटनाएँ भी जोड़िए — भरहुत की वेदिकाएँ, नानेघाट का कर-संग्रह, हाथीगुंफा अभिलेख, कल्लनई का निर्माण, हेलियोडोरस स्तंभ और कनिष्क के सिक्के।
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