अन्वेषण अध्याय 6 आइए विचार करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
राजा की मूर्ति देखिए। इस मूर्ति में राजा को कैसे दर्शाया गया है? उनकी देह-मुद्रा, वस्त्र और मुख-मुद्रा उनके सामर्थ्य एवं प्रतिष्ठा के विषय में क्या संकेत देते हैं?
उत्तर

किस रूप में दर्शाया गया है। करिकाल को भव्य रूप से सजे हाथी पर आसीन दिखाया गया है, तमिलनाडु के ‘ग्रैंड एनीकट स्मृति उद्यान' के खुले प्रांगण में। वे ऊँचा मुकुट, बूटेदार उत्तरीय और श्वेत अधोवस्त्र धारण किए हैं; गले, भुजाओं और कानों में आभूषण हैं और चेहरे पर भरी हुई मूँछें। एक हाथ ऊपर उठा है, दूसरा सहज रूप से टिका है। हाथी की पीठ पर अलंकृत झूल, स्वर्ण-वर्ण साज और मस्तक पर चित्रकारी है।

जो दिखाई देता हैसामर्थ्य और प्रतिष्ठा के विषय में संकेत
हाथी पर आसीनहाथी राजसी वाहन है — पालना महँगा, युद्ध और शोभायात्रा दोनों में प्रयुक्त। जनसमूह से ऊपर होना स्वयं में पद की घोषणा है
सीधी, सहज देह-मुद्राआत्मविश्वास और नियंत्रण। वे युद्ध के लिए तने हुए नहीं, बल्कि पहले से सत्ता-संपन्न व्यक्ति की तरह बैठे हैं
उठा हुआ हाथप्रजा के प्रति अभिवादन, आशीर्वाद या आश्वासन की मुद्रा — राजा रक्षक है, भय का कारण नहीं
मुकुट और बहुमूल्य वस्त्रसंगम कवि चोल, चेर और पांड्य को ‘मुकुटधारी राजा' कहते हैं; मुकुट उसी दावे को दृश्य बनाता है
शांत, गरिमामय मुख-मुद्राभयंकर नहीं, बल्कि विवेकी और न्यायप्रिय शासक — उस राजा के अनुरूप जिसे कल्लनई जैसे जनहित-कार्य के लिए स्मरण किया जाता है
सजा हुआ हाथीराज्य की समृद्धि, जो पशु के साज-सज्जा तक में झलकती है
महत्वपूर्ण, पर एक सावधानी : यह आधुनिक स्मृति-प्रतिमा है, प्राचीन चित्र नहीं। करिकाल कैसे दिखते थे, यह किसी को ज्ञात नहीं। यह प्रतिमा बताती है कि आज तमिलनाडु उन्हें कैसे स्मरण करता है — उस राजा के रूप में जिसका बनाया ग्रैंड एनीकट दो हजार वर्ष बाद आज भी खेतों को सींच रहा है। प्रतिमाएँ जितना अपने विषय के बारे में बताती हैं, उतना ही उन लोगों के बारे में भी जो उन्हें स्थापित करते हैं।
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