अन्वेषण अध्याय 6 आइए विचार करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पांड्य राज्य मोतियों के लिए प्रसिद्ध था। आपके विचार में मोती उस समय व्यापार की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण था?
उत्तर

क्योंकि उस युग के दूरगामी व्यापारी को जो-जो गुण चाहिए थे, वे लगभग सभी मोती में थे।

मोती का गुणइससे व्यापार में उसका महत्व क्यों
दुर्लभ, गिने-चुने स्थानों परमोती की सीपियाँ विशेष समुद्री जल में ही पलती हैं — पांड्य तट की मन्नार की खाड़ी विश्व के श्रेष्ठतम स्रोतों में थी। दुर्लभता ऊँचा मूल्य तय करती है
छोटा और हल्का, पर बहुमूल्यमुट्ठी भर मोती अनाज से लदे जहाज के बराबर मूल्यवान हो सकते थे। लंबी और जोखिम भरी यात्रा में कम भार में अधिक मूल्य ही व्यापारी को चाहिए
न सड़ता, न जंग लगतीमसालों या वस्त्रों के विपरीत मोती महीनों की समुद्री यात्रा और वर्षों का भंडारण सह लेता है
बिना गढ़े ही सुंदररत्नों की तरह मोती को तराशने या चमकाने की आवश्यकता नहीं — समुद्र से निकालकर सीधे बेचा जा सकता है
प्रतिष्ठा का प्रतीकभारत, रोम और पश्चिम एशिया के राजा-रानी और कुलीन वर्ग मोती धारण करते थे। माँग उन्हीं से आती थी जिनके पास व्यय करने को सबसे अधिक था
संचित धन और भेंटमोती कोष भी थे और राजकीय उपहार भी — खारवेल लिखते हैं कि उन्हें पांड्य राज्य से सैकड़ों मोती प्राप्त हुए
राज्य के लिए इसका अर्थ : मोतियों ने पांड्यों को समृद्ध और दूर-दूर तक प्रसिद्ध बनाया। मेगस्थनीज उनके राज्य को समृद्ध कहते हैं और रोमन लेखक भारतीय मोतियों की प्रशंसा करते हैं। इस समृद्धि से सुदृढ़ प्रशासन और वह नौसैनिक शक्ति बनी जिसका उल्लेख अध्याय करता है — और मजबूत नौसेना बदले में मोती-क्षेत्रों की रक्षा करती थी। व्यापार और शक्ति एक-दूसरे को पोषित करते रहे।
क्या आप जानते हैं? मोती निकालना कुशल और जोखिम भरा काम था; गोताखोर एक ही रस्सी के सहारे साँस रोककर बार-बार गहराई में उतरते थे। मोती के ऊँचे मूल्य में उस गोताखोर का जोखिम भी सम्मिलित था।
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