करने की विधि — खेत जाकर देखें कि किसान क्या-क्या करता है — हल चलाना, बीज बोना, सिंचाई, निराई, फसल काटना। फिर पाँच सरल संस्कृत वाक्य लिखें। प्रत्येक वाक्य में एक क्रियापद (लट् लकार) अवश्य हो।
नमूना उत्तर (संस्कृतवाक्यानि) —
१. अद्य अहं पित्रा सह कृषिक्षेत्रं गच्छामि।
२. क्षेत्रे कृषकः हलेन भूमिं कर्षति।
३. सः बीजानि वपति, जलेन च क्षेत्रं सिञ्चति।
४. क्षेत्रं हरितं सस्यश्यामलं च दृश्यते।
५. कृषकस्य परिश्रमेण एव वयं अन्नं प्राप्नुमः — अतः वदामः ‘जयतु कृषकः’।
(हिन्दी — १. आज मैं पिताजी के साथ खेत जाता हूँ। २. खेत में किसान हल से भूमि जोतता है। ३. वह बीज बोता है और जल से खेत सींचता है। ४. खेत हरा-भरा और फसलों से श्यामल दिखाई देता है। ५. किसान के परिश्रम से ही हमें अन्न मिलता है — इसलिए हम कहते हैं ‘जयतु कृषकः’।)
चित्र बनाना चाहें तो: खेत, हल या ट्रैक्टर, नहर/नलकूप, फसल और सूर्य बनाएँ तथा प्रत्येक वस्तु के नीचे संस्कृत नाम लिखें — क्षेत्रम्, हलः, कृषकः, सस्यम्, सूर्यः, जलम्।