दीपकम् अध्याय 1 परियोजनाकार्यम्

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
जयतु सैनिकः, जयतु कृषकः, जयतु वैज्ञानिकः इति उद्घोषान् बृहत्फलके विलिख्य विद्यालयस्य कक्षायाः च भित्तिषु स्थापयन्तु। एतेषां मातृभाषया अनुवादं च कुर्वन्तु।
उत्तर

करने की विधि — चार्ट-पेपर पर मोटे अक्षरों में तीनों उद्घोष लिखें, ऊपर तिरंगे की एक-एक पट्टी उसी रंग में बनाएँ जिसका वह उद्घोष प्रतीक है, और नीचे मातृभाषा में अनुवाद लिखें। फिर उसे कक्षा तथा विद्यालय की भित्ति पर लगाएँ।

उद्घोषः (संस्कृतम्)हिन्दी अनुवादःध्वजस्य वर्णः
जयतु सैनिकःसैनिक की जय होकेशरवर्णः (त्याग-शौर्य)
जयतु कृषकःकिसान की जय होहरितवर्णः (समृद्धि)
जयतु वैज्ञानिकःवैज्ञानिक की जय होश्वेतवर्णः (शान्ति-सत्य-यश)
अच्छे पोस्टर में क्या हो: (१) उद्घोष संस्कृत में शुद्ध लिखा हो — ‘जयतु’ में लोट् लकार है, ‘जयति’ नहीं; (२) अनुवाद स्पष्ट हो; (३) एक सम्बद्ध चित्र हो — सैनिक, हल चलाता किसान, प्रयोगशाला में वैज्ञानिक; (४) नीचे अपना नाम और कक्षा लिखी हो।
प्र2.
स्वप्रदेशे विद्यमानानां नदीनां पर्वतानां तीर्थक्षेत्राणां च नामानि लिखन्तु।
उत्तर

करने की विधि — अपने राज्य का मानचित्र लेकर उसमें बहने वाली नदियाँ, पर्वत/पहाड़ियाँ तथा प्रसिद्ध तीर्थस्थल चिह्नित करें, फिर उनके नाम संस्कृत में (प्रथमा विभक्ति में) एक तालिका में लिखें। यह उत्तर हर विद्यार्थी के लिए अलग होगा।

नमूना उत्तर (उत्तरप्रदेशस्य कृते) —

नद्यःपर्वताः / पर्वतमालाःतीर्थक्षेत्राणि
गङ्गा, यमुना, सरयूः, गोमती, बेत्रवती (बेतवा)विन्ध्याचलः (दक्षिणभागे), कैमूरपर्वतमालाकाशी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराजः, विन्ध्याचलः
अपने प्रदेश के लिए ऐसे लिखें: महाराष्ट्रे — गोदावरी, कृष्णा, भीमा नद्यः; सह्याद्रिः पर्वतमाला; पाण्डुरङ्गपुरम् (पण्ढरपुरम्), त्र्यम्बकेश्वरम्, भीमशङ्करः तीर्थानि। तमिलनाडुदेशे — कावेरी, वैगै नद्यः; नीलगिरिः पर्वतः; रामेश्वरम्, तिरुपतिः-समीपस्थानि तीर्थानि। पाठ के अन्त में दी गई ‘प्राचीन-आधुनिक नाम’ तालिका से संस्कृत नाम ढूँढ़ने में सहायता लें।
प्र3.
विरामदिनेषु मातापितृभ्यां सह कृषिक्षेत्रं गच्छन्तु। तत्र कृषिकार्यं दृष्ट्वा संस्कृतभाषया पञ्चवाक्यैः अस्य वर्णनं कुर्वन्तु अथवा चित्रं रचयन्तु।
उत्तर

करने की विधि — खेत जाकर देखें कि किसान क्या-क्या करता है — हल चलाना, बीज बोना, सिंचाई, निराई, फसल काटना। फिर पाँच सरल संस्कृत वाक्य लिखें। प्रत्येक वाक्य में एक क्रियापद (लट् लकार) अवश्य हो।

नमूना उत्तर (संस्कृतवाक्यानि) —

१. अद्य अहं पित्रा सह कृषिक्षेत्रं गच्छामि।
२. क्षेत्रे कृषकः हलेन भूमिं कर्षति।
३. सः बीजानि वपति, जलेन च क्षेत्रं सिञ्चति।
४. क्षेत्रं हरितं सस्यश्यामलं च दृश्यते।
५. कृषकस्य परिश्रमेण एव वयं अन्नं प्राप्नुमः — अतः वदामः ‘जयतु कृषकः’।

(हिन्दी — १. आज मैं पिताजी के साथ खेत जाता हूँ। २. खेत में किसान हल से भूमि जोतता है। ३. वह बीज बोता है और जल से खेत सींचता है। ४. खेत हरा-भरा और फसलों से श्यामल दिखाई देता है। ५. किसान के परिश्रम से ही हमें अन्न मिलता है — इसलिए हम कहते हैं ‘जयतु कृषकः’।)

चित्र बनाना चाहें तो: खेत, हल या ट्रैक्टर, नहर/नलकूप, फसल और सूर्य बनाएँ तथा प्रत्येक वस्तु के नीचे संस्कृत नाम लिखें — क्षेत्रम्, हलः, कृषकः, सस्यम्, सूर्यः, जलम्।
प्र4.
दशानां (१०) देशभक्तानां नामसहितानि चित्राणि सङ्कलय्य A3 आकारस्य कलापत्रके (A3 size Drawing sheet) संश्लेषयन्तु।
उत्तर

करने की विधि — समाचारपत्र, पुरानी पत्रिकाओं अथवा पुस्तकालय की पुस्तकों से दस देशभक्तों के चित्र काटकर A3 शीट पर चिपकाएँ। प्रत्येक चित्र के नीचे संस्कृत में नाम तथा एक पंक्ति में उनका योगदान लिखें।

नमूना सूची (दश देशभक्ताः) —

क्रमःनाम (संस्कृतम्)एकवाक्ये योगदानम्
बङ्किमचन्द्रः चट्टोपाध्यायः‘वन्दे मातरम्’ इति गीतस्य रचयिता।
महात्मा गान्धीसत्याग्रहेण अहिंसया च स्वतन्त्रतायाः नेतृत्वम् अकरोत्।
सुभाषचन्द्रः बोसः‘आजाद हिन्द सेना’ इति सैन्यस्य सङ्गठनम् अकरोत्।
भगतसिंहःदेशस्य स्वतन्त्रतायै प्राणान् अर्पितवान्।
रानी लक्ष्मीबाईझाँसीरक्षणार्थं वीरतया युद्धम् अकरोत्।
बालगङ्गाधरः तिलकः‘स्वराज्यं मम जन्मसिद्धः अधिकारः’ इति उद्घोषितवान्।
सरदारः वल्लभभाई पटेलःभारतस्य राज्यानाम् एकीकरणम् अकरोत्।
डॉ. भीमरावः अम्बेडकरःभारतस्य संविधानस्य निर्माणे प्रमुखा भूमिका आसीत्।
चन्द्रशेखरः आजादःजीवनपर्यन्तं स्वतन्त्रतायै सङ्घर्षम् अकरोत्।
१०बिरसा मुण्डाजनजातीयजनानां अधिकारार्थं ब्रिटिशशासनस्य विरोधम् अकरोत्।
अच्छे कलापत्रक में क्या हो: ऊपर शीर्षक ‘भारतस्य देशभक्ताः’, चित्र समान आकार के और पंक्तिबद्ध, प्रत्येक के नीचे नाम व जन्म-निधन वर्ष, तथा किनारे तिरंगे की सजावट। अपनी लिखावट साफ़ रखें और चित्रों का स्रोत भी नीचे लिख दें।
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