प्र1.
भारतीयानां वीराङ्गनानां चित्राणि संगृह्य तासां पराक्रमं सारांशरूपेण स्वभाषया लिखन्तु। यथा – लक्ष्मीबाई, पद्मावती, कित्तूरुराणी, चन्नम्मा, रुद्रम्मादेवी, झलकारी, रानीहाडी चेत्यादीनाम्।
उत्तर
कार्यविधिः (करने की विधि):
- एकं चित्रपुस्तिकां (scrapbook) गृह्णन्तु। प्रतिपृष्ठे एका वीराङ्गना।
- चित्रं संगृह्णन्तु — पाठ्यपुस्तकात्, समाचारपत्रात्, अन्तर्जालात् मुद्रितं वा स्वयं चित्रितम्।
- प्रत्येकस्याः विषये लिखन्तु — नाम, कालः, प्रदेशः, प्रमुखं पराक्रमकार्यम्, तस्याः गुणः — त्रीणि-चत्वारि वाक्यानि स्वभाषया।
- अन्ते एकं वाक्यं संस्कृतेन अपि योजयन्तु — यथा ‘सा वीरा आसीत्’, ‘सा देशाय स्वप्राणान् अत्यजत्’।
उत्तमे उत्तरे किम् आवश्यकम्: केवलं नाम-सूची न, अपितु प्रत्येकस्याः एकं निश्चितं कार्यं (कदा, कुत्र, केन सह) तथा तस्मात् प्राप्ता शिक्षा।
नमूना उत्तर:
| वीराङ्गना | कालः / प्रदेशः | पराक्रमः (सारांशः) |
|---|---|---|
| रानी लक्ष्मीबाई | 1828–1858 / झाँसी | 1857 के स्वतन्त्रता-संग्राम में अंग्रेज़ों से लड़ीं। पीठ पर दामोदर को बाँधकर घोड़े पर युद्ध किया और ग्वालियर में वीरगति पाई। — सा अद्भुता योद्धा आसीत्। |
| रानी पद्मावती | 13वीं–14वीं शती / चित्तौड़ | चित्तौड़ की रानी; आत्मसम्मान की रक्षा के लिए जौहर किया। त्याग और स्वाभिमान की प्रतीक। |
| कित्तूर रानी चन्नम्मा | 1778–1829 / कर्नाटक | 1824 में ईस्ट इंडिया कम्पनी की ‘डॉक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स’ का सशस्त्र विरोध किया — रानी लक्ष्मीबाई से भी पहले। |
| रुद्रम्मादेवी | 13वीं शती / काकतीय, वारंगल | दक्षिण भारत की विरली शासिका; पुरुष-वेश में सेना का नेतृत्व कर राज्य की रक्षा की। |
| झलकारीबाई | 1830–1858 / झाँसी | लक्ष्मीबाई की सेना ‘दुर्गा दल’ की सेनानायिका; रानी का वेश धारण कर शत्रु को भ्रमित किया जिससे रानी सुरक्षित निकल सकीं। |
| रानी हाडी | 17वीं शती / बूँदी–सलूम्बर | पति को युद्ध में निःशंक भेजने के लिए अपना शीश ही भेंट कर दिया — कर्तव्य के आगे मोह को त्यागने का उदाहरण। |
| पन्नाधाया | 16वीं शती / मेवाड | उदयसिंह की रक्षा हेतु अपने पुत्र चन्दन का बलिदान किया। — व्यक्तिहितं न, राष्ट्रहितम् एव श्रेष्ठम्। |
सूचना: एतत् उत्तरं केवलं नमूना अस्ति। छात्राः स्वप्रदेशस्य वीराङ्गनायाः (यथा — ओनाके ओबव्वा, बेगम हज़रत महल, रानी गाइदिन्ल्यू, अवन्तीबाई, वेलु नाचियार) विषये अपि लिखितुं शक्नुवन्ति। [अपने राज्य की वीरांगना को अवश्य जोड़ें — तब परियोजना और अच्छी बनेगी।]