उत्तरम् — भोः सुशीले ! अस्य भावार्थः अस्ति यत् अस्मिन् जगति कोऽपि अयोग्यः नास्ति । सर्वे योग्याः सन्ति, परन्तु प्रेरकस्य मार्गदर्शकस्य च अभावः अस्ति ।
[हिन्दी अर्थ — हे सुशीला! इसका भाव यह है कि इस संसार में कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है। सब योग्य ही हैं, कमी केवल प्रेरणा देने वाले और मार्ग दिखाने वाले की है — अर्थात् ‘योजक’ अर्थात् जोड़ने वाले/नियोजित करने वाले का ही अभाव रहता है।]